ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, न्यायिक जांच और पुलिस कर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांगबेगूसराय गैंगरेप और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पप्पू यादव ने सम्राट सरकार को घेरा, दोनों केस में स्पीडी ट्रायल और न्यायिक जांच की मांगनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतसुप्रीम कोर्ट पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, न्यायिक जांच और पुलिस कर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांगबेगूसराय गैंगरेप और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पप्पू यादव ने सम्राट सरकार को घेरा, दोनों केस में स्पीडी ट्रायल और न्यायिक जांच की मांगनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौत

Bihar Police : DSP साहब की चालाकी पकड़ी गई...फिर से बना दिए गए इंस्पेक्टर....

Bihar Police : बिहार के एक dsp साहब की चालाकी पकड़ी गई है, पुलिस उपाधीक्षक की पोल खोलने के बाद अब उन्हें वापस से वहीं भेज दिया गया है जहां से उन्हें प्रमोशन मिला था

bihar police
प्रतीकात्मक
© google
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

Bihar Police : बिहार के एक डीएसपी की चालाकी पकड़ी गई। पुलिस उपाधीक्षक की पोल खोलने के बाद फिर से वे उसी पद पर पहुंच गए हैं, जहां से प्रोन्नति पाकर डीएसपी बने थे। उन्हें डीएसपी से वापस इंस्पेक्टर बना दिया गया है।


बिहार पुलिस के इंस्पेक्टर राम एकबाल प्रसाद यादव को 2024 में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में प्रोन्नति दी गई थी। अब गृह विभाग ने उनकी प्रोन्नति वापस ले ली है। उन्हें डीएसपी से वापस करते हुए इंस्पेक्टर बनाकर सेवा देने के लिए पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है। इसके बाद अब वह अपनी सेवा पुलिस मुख्यालय में देंगे। इसको लेकर आदेश जारी कर दिया गया है और अब वह अपनी सेवा इसी आदेश के आलोक में देंगे।


बता दे, बिहार पुलिस मुख्यालय की अनुशंसा पर 18 जुलाई 2024 को राम एकबाल प्रसाद यादव को अस्थाई व्यवस्था के तहत वेतनमान के साथ उच्चतर पद का प्रभार दिया गया था। हालांकि पुलिस मुख्यालय ने 31 जुलाई 2024 को ही पत्र लिखकर बताया कि राम एकबाल प्रसाद यादव के विरुद्ध गया जिले में विभागीय कार्यवाही संचालित है। पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के बाद गृह विभाग ने डीएसपी की सेवा को वापस कर दिया है। इस तरह से 6 महीने बाद ही DSP फिर से इंस्पेक्टर बन गए।