ब्रेकिंग
2 करोड़ लोग ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े, बोले प्रशांत किशोर..जनता की नाराजगी सरकार को समझनी चाहिएपटना के होटल में पॉलिटेक्निक छात्रा से छेड़छाड़ का प्रयास, पिता के सामने अगवा करने की कोशिशजन्मदिन पर नितिन नवीन से मिलने पहुंचे खेसारी लाल यादव, भाजपा में शामिल होने के सवाल पर बोले- ‘मैं RJD के साथ था, हूं और रहूंगा’विजय बनकर इमरान शेख ने हिंदू युवती से किया निकाह, जबरन धर्म बदलने और गोमांस खिलाने का आरोप, मुख्य आरोपी दो भाईयों के साथ गिरफ्तार‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की वेबसाइट ठप, अभिजीत दिपके ने केंद्र पर लगाया तानाशाही का आरोप2 करोड़ लोग ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े, बोले प्रशांत किशोर..जनता की नाराजगी सरकार को समझनी चाहिएपटना के होटल में पॉलिटेक्निक छात्रा से छेड़छाड़ का प्रयास, पिता के सामने अगवा करने की कोशिशजन्मदिन पर नितिन नवीन से मिलने पहुंचे खेसारी लाल यादव, भाजपा में शामिल होने के सवाल पर बोले- ‘मैं RJD के साथ था, हूं और रहूंगा’विजय बनकर इमरान शेख ने हिंदू युवती से किया निकाह, जबरन धर्म बदलने और गोमांस खिलाने का आरोप, मुख्य आरोपी दो भाईयों के साथ गिरफ्तार‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की वेबसाइट ठप, अभिजीत दिपके ने केंद्र पर लगाया तानाशाही का आरोप

बिहार : नहीं रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी रामचंद्र खान, प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर

PATNA : पूर्व आईपीएस अधिकारी रामचंद्र खान नहीं रहे। रामचंद्र खान का निधन पटना के एक अस्पताल में हार्ट अटैक से हो गया है। उनके निधन से प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर है। पूर्व आईपीए

बिहार : नहीं रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी रामचंद्र खान, प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA : पूर्व आईपीएस अधिकारी रामचंद्र खान नहीं रहे। रामचंद्र खान का निधन पटना के एक अस्पताल में हार्ट अटैक से हो गया है। उनके निधन से प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर है। पूर्व आईपीएस रामचंद्र खान भारतीय पुलिस सेवा के एक चर्चित अधिकारी थे।


शुक्रवार की देर रात पटना के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। बिहार की प्रख्यात साहित्यकार पद्मश्री डॉक्टर उषा किरण खान रामचंद्र खान की पत्नी हैं। रामचंद्र खान बिहार के सख्त IPS अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। रामचंद्र खान करीब 80 वर्ष के थे।


वर्ष 1983-84 के बीच बिहार में हुए 44 लाख के वर्दी घोटाले में उनका नाम आया था। मामले की जांच कर रही सीबीआइ को उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले थे। जिसके बाद उन्हें बरी कर दिया गया था। जानकारी के मुताबिक उनकी कड़क मिजाजी के कारण उस समय के कुछ अधिकारियों ने एक सोची समझी साजिश के तहत उन्हें वर्दी घोटाले में फंसाया था।


गौरतलब है कि गोपालगंज स्थित बीएमपी-16 के जमादार, हवलदार और सिपाहियों के लिये लंबा कोट, उलेन जर्सी, कमीज, जूता, बरसाती कोट, मच्छरदानी, बैग, उलेन मौजा, पैंट, बूट पॉलिश आदि की खरीदारी की गई, जिसमें 37.47 लाख रुपये की हेराफेरी की गई थी। सीबीआइ ने मामले में 1986 में प्राथमिकी दर्ज की थी। लंबी सुनवाई के बाद सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश सर्वजीत ने सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। रामचन्द्र खान घटना के वक्त पटना मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर तैनात थे।

टैग्स