ब्रेकिंग
कैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तारकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तार

बिहार : दवाओं की मनमानी कीमत पर लगेगी रोक, नीतीश सरकार बनाने जा रही खास यूनिट

PATNA : बिहार के मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य में दवाओं की मनमानी कीमत पर नकेल कसने के लिए नीतीश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने

बिहार : दवाओं की मनमानी कीमत पर लगेगी रोक, नीतीश सरकार बनाने जा रही खास यूनिट
Editor
2 मिनट

PATNA : बिहार के मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य में दवाओं की मनमानी कीमत पर नकेल कसने के लिए नीतीश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने बिहार में मूल्य निगरानी संसाधन इकाई यानी प्राइस मॉनिटरिंग रिसोर्स यूनिट के गठन का फैसला किया है। यह यूनिट अलग-अलग कंपनियों की दवाओं की असल कीमत के मुताबिक बिक्री प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करेगा। राज्य में अब तक इस इकाई का गठन नहीं किया गया था जिसकी वजह से दवा विक्रेता कंपनी निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बाजार में दवाओं को बेच रहे थे। 


इस यूनिट का गठन होने के बाद बिहार देश में 16वां ऐसा राज्य होगा जहां दवाओं की कीमतों पर निगरानी के लिए सिस्टम काम करेगा। सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता में इस इकाई के गठन के लिए आवश्यक मंजूरी भी दी जा चुकी है। पिछले दिनों हुई बैठक में इस पर सहमति दी गई है। मूल्य निगरानी संसाधन इकाई में दवा कंपनियों के रिप्रेजेंटेटिव भी शामिल होंगे, जो समय-समय पर दवाओं की कीमत में होने वाले बदलाव की जानकारी देंगे।


सरकार के इस फैसले से आम लोगों को मदद मिलेगी। एक तो दवाओं का मूल्य सही तरीके से तय हो पाएगा, साथ ही साथ राज्य के अंदर दवा प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी। बिहार में फिलहाल दवाओं की कीमतों को लेकर कई तरह की खामियां नजर आती हैं। एक तरफ जहां छोटी दवा कंपनियों में सरकार के इस फैसले से बेचैनी है तो वहीं बड़ी कंपनियां यह मानकर चल रही है कि उन्हें अब राज्य में छोटी कंपनियों से ज्यादा टक्कर नहीं मिलेगी।

संबंधित खबरें