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Bihar Land Mutation: दाखिल-खारिज और परिमार्जन में सुस्ती पड़ी भारी, पटना DM के नए आदेश के बाद लापरवाह अंचल अधिकारियों में खलबली

Bihar Land Mutation: पटना DM ने अपनाया सख्त रुख, दाखिल-खारिज और परिमार्जन में देरी पर 24 अंचल अधिकारियों से माँगा जवाब, जिससे लापरवाह बाबुओं की अब नींद उड़ती नजर आ रही

Bihar Land Mutation
पटना डीएम
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
4 मिनट

Bihar Land Mutation: बिहार की राजधानी पटना में जमीन से जुड़े दाखिल-खारिज और परिमार्जन के मामलों में सुस्ती पर जिलाधिकारी (DM) डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सख्त तेवर दिखाए हैं। सोमवार को समाहरणालय में राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान उन्होंने कई अंचल अधिकारियों (CO) को फटकार लगाई और 24 सीओ से स्पष्टीकरण माँगा है। यह कार्रवाई 75 दिनों से अधिक समय से लंबित दाखिल-खारिज और 120 दिनों से ज्यादा अवधि के परिमार्जन मामलों को लेकर की गई है। DM ने साफ कहा कि लापरवाही और शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


पाँच अंचलों पर विशेष नजर

समीक्षा में सामने आया कि दाखिल-खारिज के ज्यादातर लंबित मामले संपतचक, बिहटा, दीदारगंज, नौबतपुर और दानापुर अंचलों में हैं। इन अंचलों के सीओ को पिछले दो हफ्तों में काम पूरा करने का मौका दिया गया था, लेकिन कोई सुधार नहीं दिखा। DM ने नाराजगी जताते हुए कहा, “इन सभी को अब दो हफ्ते का आखिरी मौका दिया जा रहा है। जवाब दें कि क्यों न इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए?” वहीं, घोसवरी और पंडारक अंचलों की तारीफ हुई, जहाँ ऐसे मामले शून्य हैं। बाकी 19 अंचलों में भी लंबित मामले कम हैं, लेकिन इन्हें भी तुरंत निपटाने का निर्देश दिया गया।


सालभर में आई तेजी, फिर भी बाकी हैं चुनौतियाँ

पिछले साल 1 अप्रैल को दाखिल-खारिज के 80,665 आवेदन लंबित थे, जो 7 अप्रैल 2025 तक घटकर 17,932 रह गए। इनमें से 40,207 एक्सपायर्ड मामले थे, जो अब 4,906 पर आ गए हैं। सालभर में 80,107 नए आवेदन आए, और कुल 1,42,800 मामलों को निपटाया गया। DM ने इसे सराहनीय बताया, लेकिन कहा कि अभी भी रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है। परिमार्जन प्लस के 41,264 आवेदनों में से 13,197 लंबित हैं, जिन्हें जल्द निपटाने का आदेश दिया गया। म्यूटेशन अपील के 30 दिनों से ज्यादा लंबित मामलों और बीएलडीआरए कोर्ट में 90 दिनों से अटके केसों को भी तेजी से निष्पादित करने को कहा गया है।


हर पहलू पर नजर

DM ने सिर्फ दाखिल-खारिज और परिमार्जन ही नहीं, बल्कि अभियान बसेरा, भूमि मापी, आधार सीडिंग, अतिक्रमण उन्मूलन, सीमांकन, विशेष सर्वेक्षण और भू-अर्जन जैसे मुद्दों की भी अंचलवार समीक्षा की। अभियान बसेरा में प्रगति ठीक है, वहीं बाढ़, मसौढ़ी, पालीगंज और पटना सिटी में आधार सीडिंग की स्थिति अच्छी पाई गई। हालांकि, मापीवाद में सिर्फ 60% मामले निपटे हैं, जिसे लेकर नाखुशी जाहिर की गई। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 141 जगहों का एनओसी दिया जा चुका है, जबकि 224 अन्य के लिए जल्द कदम उठाने को कहा गया।


लापरवाह अधिकारियों को चेतावनी

जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा, “राजस्व मामलों में ढीलापन या अनियमितता सहन नहीं होगी। जिन अंचल अधिकारियों का प्रदर्शन खराब है, उनके पास 10 दिन हैं। अगर सुधार नहीं हुआ, तो सख्त कदम उठाए जाएँगे।” यह कदम पटना में जमीन से जुड़ी समस्याओं को जल्द हल करने और लोगों को राहत देने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है। डिजिटाइज्ड जमाबंदी में सुधार की स्थिति को भी ठीक बताया गया, लेकिन कुछ अंचलों की सुस्ती ने DM का गुस्सा बढ़ा दिया।