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बिहार के मुख्य सचिव को जारी हुआ नोटिस, चार सप्ताह में देना होगा जवाब ; जानिए क्या है पूरा मामला

PATNA : बिहार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया गया है और आदेश दिया गया है कि वो चार सप्ताह के अंदर इस नोटिस का जवाब दें। यह नोटिस उनको राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के तरफ से थमाया गया

बिहार के मुख्य सचिव को जारी हुआ नोटिस, चार सप्ताह में देना होगा जवाब ; जानिए क्या है पूरा मामला
Tejpratap
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PATNA : बिहार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया गया है और आदेश दिया गया है कि वो चार सप्ताह के अंदर इस नोटिस का जवाब दें। यह नोटिस उनको राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के तरफ से थमाया गया है। ऐसे में अब नोटिस जारी होने के उपरांत मुख्य सचिव आमिर सुबहानी थोड़े चिंतित नजर आ रहे हैं और इन्होंने इस मामले में निचले अस्तर के अधिकारी से जवाब भी तलब किया है। 


दरसअल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुख्य सचिव आमिर सुबहानी से पश्चिम चंपारण जिले में मिड डे मील खाने के बाद बीमार पड़े 150 बच्चों के मामले में जवाब तलब किया है। आयोग ने मुख्य सचिव को चार सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है। आयोग ने अपने लेटर में लिखा है कि - इस मामले में अधिकारियों के स्तर पर चूक हुई है।  इसलिए सरकार आयोग के पत्र का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले से अवगत कराये। आयोग ने मुख्य सचिव को चार सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है। 


वहीं, आयोग की ओर से जारी लेटर में मिडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि- यदि मीडिया में प्रकाशित खबर सही है तो फिर यह पूरा मामला बच्चों के मानवाधिकार के उल्लंघन का है। इसमें निश्चित रूप से लापरवाही हुई है। बच्चों के लिए खाना ठीक ढंग से तैयार नहीं किया गया और  छात्रों को परोसा गया। स्कूल के अधिकारियों की ओर से भी निरीक्षण में चूक हुई है। अब सरकार इस मामले में अपना रिपोर्ट दें। 


इसके साथ ही आयोग ने कहा कि - सरकार अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी भी दें कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए उसके स्तर पर क्या कदम उठाया जाना है। साथ ही  विद्यालय विशेष द्वारा सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन में कोताही तो नहीं हो रही है और इस घटना के लिए जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ क्या कार्रवाई अब तक की गयी है। 


आपको बताते चलें कि, पिछले हफ्ते गुरुवार को पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल के नरवल-बरवल पंचायत के एक मिडिल स्कूल में  मिड डे मिल खाने के बाद करीब डेढ़ सौ बच्चे बीमार हुए थे। उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। अब इसी मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुख्य सचिव आमिर सुबहानी से जवाब तलब किया है। 

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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