ब्रेकिंग
नेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानक

बिहार के जेलों में सोशल डिस्टेंसिंग की कवायद, औरंगाबाद-भभुआ-जमुई में बनाए गये कैंप जेल

PATNA : बिहार में कोरोना के बढ़ रहे खतरे के बीच जेलप्रशासन इससे निपटने की कवायदों में जुट गया है। जेल के अंदर कोरोना की बीमारी नहीं फैले इसके लिए कई एहतियाती कदम उठाए जा रहे ह

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

PATNA : बिहार में कोरोना के बढ़ रहे खतरे के बीच जेलप्रशासन इससे निपटने की कवायदों में जुट गया है। जेल के अंदर कोरोना की बीमारी नहीं फैले इसके लिए कई एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इसके मद्देनजर औरंगाबाद, भभुआ और जमुई में कैंप जेल बनाए गये हैं। जेल प्रशासन जेलों में भीड़भाड़ न हो और नये कैदी क्वारंटीन पीरियड पूरा किए बगैर कैदियों तक न पहुंच सके इसके लिए तैयार है ।


बिहार सरकार ने तीन जिलों में कैंप जेल बनाया है। औरंगाबाद, भभुआ और जमुई जिले में कैंप जेल बनाए गये हैं। निर्माणाधीन जेलों को कैंप जेल में अधिसूचित किया गया है। तीनों जगह नये जेल बनाए जा रहे हैं। इनका काम लगभग पूरा हो चुका है पर अभी इन्हें जेल प्रशासन को नहीं सौंपा गया है। कोरोना महामारी के मद्देनजर फिलहाल इन इमारतों को कैंप जेल के तौर पर इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया है।


औरंगाबाद, भभुआ और जमुई में बनाए गये कैंप जेल में क्षमता एक-एक हजार कैदियों को रखने की है। बिहार में 59 जेल हैं। इनकी क्षमता 44920 कैदियों को रखने की है। कुछ दिनों पहले तक इन जेलों में 40 हजार कैदी थे। कैंप जेलों को जोड़ दे तो क्षमता करीब 48 हजार हो जाएगी।जेल आईजी मिथिलेश मिश्र बताते हैं कि जिन कैंप जेलों में अभी कैदियों को नहीं रखा गया है। जरूरत के मुताबिक उनका इस्तेमाल होगा। बिहार के नौ जेलों में क्षमता से कहीं ज्यादा कैदी मौजूद थे। कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने कैदियों को स्थानांतरित किया है जहां क्षमता से कम कैदी थे। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के मद्देनजर ऐसा किया जा रहा है। 






टैग्स