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बिहार के डीजीपी भट्टी की विदाई: CISF के डीजी बनाये गये, छवि कड़क थी लेकिन कोई कमाल नहीं दिखा पाये

PATNA: बिहार के डीजीपी राजविंदर सिंह भट्टी की विदाई हो गयी है. केंद्र सरकार ने आज उन्हें सीआईएसएफ का डीजी बनाने का आदेश जारी कर दिया है. दिसंबर 2022 में बिहार के डीजीपी का कार्यभार

बिहार के डीजीपी भट्टी की विदाई: CISF के डीजी बनाये गये, छवि कड़क थी लेकिन कोई कमाल नहीं दिखा पाये
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: बिहार के डीजीपी राजविंदर सिंह भट्टी की विदाई हो गयी है. केंद्र सरकार ने आज उन्हें सीआईएसएफ का डीजी बनाने का आदेश जारी कर दिया है. दिसंबर 2022 में बिहार के डीजीपी का कार्यभार संभालने वाले भट्टी की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को लेकर पहले से ही चर्चा चल रही थी. राज्य सरकार ने उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की अनुमति दे दी थी. आज उनकी पोस्टिंग कर दी गयी.


केंद्र सरकार की ओर से भट्टी की नयी पोस्टिंग को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गयी है. इसके मुताबिक 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी आर.एस. भट्टी को सीआईएसएफ का डीजी बनाने की जानकारी दी गयी है. भट्टी 30 सितंबर 2025 तक इस पद पर बने रहेंगे. यानि वहां उनका कार्यकाल 13 महीनों का होगा.


पहले से तय थी विदाई

आरएस भट्टी ने दिसंबर 2022 में बिहार के डीजीपी का कार्यभार संभाला था. उनकी छवि कड़क अधिकारी की मानी जाती रही है. लेकिन बिहार का डीजीपी बनने के बाद वे कोई कमाल नहीं दिखा पाये. बिहार के लॉ एंड आर्डर को लेकर लगातार सवाल उठते रहे. ऐसी लगातार घटनायें होती रहीं, जिससे सरकार औऱ पुलिस पर गंभीर सवाल उठते रहे. आखिरकार वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेज दिये गये.


पहली दफे डीजीपी ने पद छोड़ा

बिहार के इतिहास में संभवतः ये पहला वाकया है जब डीजीपी ने अपना पद छोड़ कर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने का फैसला लिया है. भट्टी का कार्यकाल अभी एक साल और बचा था. लेकिन बीच में ही उन्होंने सीआईएसएफ में जाने का फैसला ले लिया. सीआईएसएफ का डीजी ऐसा अहम पद नहीं होता जिसके लिए किसी राज्य का डीजीपी अपनी कुर्सी छोड़ दे. 


दबाव में थे भट्टी

पुलिस मुख्यालय के सूत्रों की मानें तो डीजीपी के पद पर रहते हुए राजविंदर सिंह भट्टी दबाव में थे. वे पुलिस को ठीक करने के लिए फ्री हैंड चाहते थे. लेकिन पुलिस मुख्यालय से लेकर जिलों तक में ट्रांसफर पोस्टिंग में डीजीपी की नहीं चल रही थी. एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसपी ही नहीं बल्कि डीएसपी तक की पोस्टिंग सीएम आवास से की जा रही थी. ऐसे में भट्टी अपने मुताबिक काम नहीं कर पा रहे थे.


नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इन दिनों लगातार आरोप लगा रहे थे कि पुलिस में डीजीपी की चल नहीं रही है. चढावा लेकर ट्रांसफर पोस्टिंग की जा रही है. डीजीपी ने अपने पसंद के अधिकारियों की फील्ड में तैनाती की लिस्ट तैयार की थी लेकिन सरकार ने उसका नोटिस नहीं लिया. तेजस्वी यादव कह रहे हैं कि सीएम के चमचे-बेलचे ट्रांसफर पोस्टिंग कर रहे हैं.

बिहार के डीजीपी भट्टी की विदाई: CISF के डीजी बनाये गये, छवि कड़क थी लेकिन कोई कमाल नहीं दिखा पाये

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