ब्रेकिंग
सैलरी नहीं मिलने के तेजस्वी यादव के दावे को सरकार ने किया खारिज, वित्त मंत्री ने बताई असली बातबिहार रेरा अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह बने केंद्रीय सलाहकार परिषद के सदस्य, 3 साल के लिए हुई नियुक्तिबिहार में भू-माफिया और सीओ की बातचीत का ऑडियो वायरल, DM ने FIR दर्ज करने का दिया आदेश; सरकारी जमीन पर थी बुरी नजरBihar Bhumi: बिहार में जमीन मापी की नई व्यवस्था लागू, नई समयसीमा तय; इतने दिन में पूरा होगा काम‘सांप पर भरोसा कर लेना लेकिन बीजेपी पर नहीं’ ममता बनर्जी का बड़ा हमला, असम चुनाव में बाहरी वोटर लाने का आरोपसैलरी नहीं मिलने के तेजस्वी यादव के दावे को सरकार ने किया खारिज, वित्त मंत्री ने बताई असली बातबिहार रेरा अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह बने केंद्रीय सलाहकार परिषद के सदस्य, 3 साल के लिए हुई नियुक्तिबिहार में भू-माफिया और सीओ की बातचीत का ऑडियो वायरल, DM ने FIR दर्ज करने का दिया आदेश; सरकारी जमीन पर थी बुरी नजरBihar Bhumi: बिहार में जमीन मापी की नई व्यवस्था लागू, नई समयसीमा तय; इतने दिन में पूरा होगा काम‘सांप पर भरोसा कर लेना लेकिन बीजेपी पर नहीं’ ममता बनर्जी का बड़ा हमला, असम चुनाव में बाहरी वोटर लाने का आरोप

वाहन मालिक हो जाएं सावधान! बिहार में सभी गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना हुआ आनिवार्य, विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश

Bihar HSRP Rules: बिहार में सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लगाना अब अनिवार्य कर दिया गया है। वाहन मालिकों को अपने वाहन का HSRP विवरण अपडेट कराना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई दंड या असुविधा न हो।

Bihar HSRP Rules
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar HSRP Rules: बिहार में जिन वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) नहीं लगी है, वैसे वाहन मालिक इसे लगवाएं। परिवहन विभाग द्वारा सभी श्रेणी के वाहनों पर एचएसआरपी लगाना पूर्णतः अनिवार्य किया गया है। जिन वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है वैसे वाहन मालिक संबंधित वाहन के एजेंसी/डीलर के यहां लगवा सकते हैं।


परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने बताया कि विभागीय समीक्षा में यह तथ्य सामने आया है कि कई वाहनों में एचएसआरपी भौतिक रूप से लगा हुआ है, किंतु उसका विवरण विभागीय वाहन सॉफ्टवेयर में अपडेट नहीं है। ऐसे वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित जिला परिवहन पदाधिकारी कार्यालय से संपर्क कर अपने वाहन का एचएसआरपी विवरण अविलंब अपडेट कराएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा या दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।


उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि किसी वाहन में एचएसआरपी लगी हुई है, फिर भी एसएमएस प्राप्त हो रहा है, तो वाहन मालिक घबराएं नहीं। वे संबंधित जिला परिवहन पदाधिकारी कार्यालय से संपर्क कर अपने वाहन का एचएसआरपी विवरण सॉफ्टवेयर में अपडेट कराएं। 


इस संबंध में परिवहन विभाग ने सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन वाहनों में एचएसआरपी लगी है, लेकिन उनका डेटा पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है, उसका सत्यापन कर शीघ्र अपलोड सुनिश्चित किया जाए।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें