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ऑनलाइन ठगी करने वालों पर बड़ा वार, बिहार पुलिस की नई हाईटेक टीम हुई तैयार; जानिए कैसे करेगी काम

Bihar Cyber Police: बिहार में बढ़ते साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी पर लगाम लगाने के लिए बिहार पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय ने 118 प्रशिक्षित अधिकारियों और जवानों की हाईटेक “सीसीएसयू” टीम तैयार की है, जो अब साइबर अपराधियों पर सीधे कार्रवाई...

ऑनलाइन ठगी करने वालों पर बड़ा वार, बिहार पुलिस की नई हाईटेक टीम हुई तैयार; जानिए कैसे करेगी काम
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Cyber Police: बिहार में तेजी से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी व डिजिटल अपराधों पर लगाम कसने के लिए पुलिस मुख्यालय ने अब तक का सबसे बड़ा और हाईटेक कदम उठाया है। राज्यभर में लोगों को करोड़ों की चपत लगाने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ अब सीधा और तेज एक्शन देखने को मिलेगा। बिहार पुलिस ने साइबर अपराध से निपटने के लिए एक नई विशेष विंग का गठन किया है, जिसमें 118 चुनिंदा पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं।


इस नई इकाई का नाम “सीसीएसयू” यानी साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट रखा गया है। पुलिस मुख्यालय का दावा है कि यह टीम पूरी तरह तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होगी और राज्य में होने वाले साइबर अपराधों पर लगातार नजर रखेगी।


दरअसल, अब तक बिहार में साइबर अपराधों की जांच और मॉनिटरिंग आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के जिम्मे थी। लेकिन ऑनलाइन ठगी के लगातार बढ़ते मामलों और अपराधियों के नए-नए तरीकों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला लेते हुए साइबर यूनिट को EOU से अलग कर स्वतंत्र विंग बना दिया।


नई सीसीएसयू विंग अब सीधे मुख्यालय के निर्देश पर काम करेगी और पूरे राज्य में साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अलग यूनिट बनने से मामलों की जांच और कार्रवाई पहले से ज्यादा तेज और प्रभावी होगी।


इस हाईटेक टीम में कुल 118 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें 53 अधिकारी और 65 सिपाही शामिल हैं। अधिकारियों की टीम में 7 इंस्पेक्टर, 42 सब-इंस्पेक्टर और 4 सार्जेंट को शामिल किया गया है। वहीं, अलग-अलग जिलों से चुने गए 65 प्रशिक्षित जवान तकनीकी जांच और ऑपरेशन में सहयोग करेंगे।


पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, इस टीम में उन्हीं अधिकारियों और जवानों को शामिल किया गया है जिनकी तकनीकी समझ बेहतर है और जिन्होंने साइबर प्रशिक्षण के दौरान शानदार प्रदर्शन किया था। साइबर अपराध की बदलती दुनिया को देखते हुए इस यूनिट को अत्याधुनिक तकनीकों और सॉफ्टवेयर से लैस किया जाएगा।


बताया जा रहा है कि ऑनलाइन ठगी के कई मामलों में अपराधियों के तार दूसरे राज्यों और यहां तक कि विदेशों से भी जुड़े मिलते हैं। ऐसे में सीसीएसयू की टीम दूसरे राज्यों की पुलिस और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम करेगी। इससे साइबर ठगों तक तेजी से पहुंचना और उनकी गिरफ्तारी आसान हो सकेगी।


बिहार में बीते कुछ वर्षों में साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। फर्जी कॉल, बैंक खाते से पैसे उड़ाना, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, फेक लिंक भेजकर ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई लोग अपनी जीवनभर की जमा पूंजी गंवा चुके हैं।


इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए बिहार पुलिस अब पूरी तरह डिजिटल मोड में अपराधियों से मुकाबला करने की तैयारी में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीएसयू सिर्फ कार्रवाई ही नहीं करेगी, बल्कि लोगों को जागरूक करने का काम भी करेगी ताकि साइबर अपराधों को शुरुआत में ही रोका जा सके।


सूत्रों के अनुसार, नई विंग को जल्द ही आधुनिक साइबर लैब, डेटा ट्रैकिंग सिस्टम और एडवांस सर्विलांस टूल्स से जोड़ा जाएगा। इससे ऑनलाइन लेनदेन, मोबाइल नेटवर्क, सोशल मीडिया गतिविधियों और संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों की निगरानी होगी।