पटना: बिहार में शहरों से निकलने वाला कचरा अब सिर्फ सफाई व्यवस्था की चुनौती नहीं रहेगा, बल्कि इसे आय के स्रोत के रूप में भी विकसित करने की तैयारी है। राज्य सरकार कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ-साथ ऊर्जा के क्षेत्र में भी कई बड़े बदलावों की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में चल रही और प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पटना के कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से करीब 50 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी तैयार की गई है। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता को और बेहतर बनाने के लिए कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि सोलराइजेशन के जरिए किसानों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के साथ ऊर्जा क्षेत्र में होने वाले सरकारी खर्च को भी कम किया जा सके।
कृषि फीडरों के लिए 5,500 करोड़ रुपये का अनुदान
सम्राट चौधरी ने कहा कि कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए सरकार की ओर से 5,500 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को खेती के लिए पर्याप्त और नियमित बिजली मिल सकेगी। इससे सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने के साथ किसानों को बिजली की उपलब्धता को लेकर होने वाली परेशानियों में भी कमी आने की उम्मीद है।
सरकार का फोकस केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम करने और सरकारी खर्च को नियंत्रित करने की भी योजना है। इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को लेकर भी बिहार में नीतिगत स्तर पर पहल की गई है।
इंजीनियरिंग कॉलेजों में 10 रुपये शुल्क
शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के सभी 38 इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र 10 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। सरकार का उद्देश्य उच्च तकनीकी शिक्षा को ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों तक पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 700 मॉडल स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें करीब 3.5 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इन विद्यार्थियों को पढ़ाई में अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने के लिए ‘विद्यार्थी साथी’ एप के माध्यम से 24×7 ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा दी जा रही है। इस डिजिटल सुविधा के जरिए विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान ऑनलाइन प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। सरकार शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।
शिक्षा के साथ संस्कृति और विरासत पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने और उसे आधुनिक तरीके से प्रस्तुत करने पर भी काम किया जा रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालयों के लिए बिहार के विशेषज्ञों और सलाहकारों की सेवाएं ली जा रही हैं।
उन्होंने बापू टावर को बिहार के इतिहास, महात्मा गांधी के जीवन, विचारों और संघर्षों को समझने का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। कार्यक्रम के दौरान पद्मश्री से सम्मानित ब्रह्मदेव पंडित द्वारा निर्मित गांधी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। इसके साथ ही ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली की शुरुआत और ‘सत्याग्रह’ पत्रिका का विमोचन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्य, अहिंसा, सेवा और स्वच्छता जैसे मूल्यों को विकास योजनाओं से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी नमन करते हुए उनके जीवन से सादगी, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा लेने की बात कही।
कार्यक्रम में भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, गांधीवादी विचारक रामजी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और बापू टावर के निदेशक विनय कुमार समेत कई अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। परिवर्तन समूह के कलाकारों ने गांधी भजन और लोकगीत प्रस्तुत किए।





