ब्रेकिंग
‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश

बिहार बोर्ड को पटना हाईकोर्ट की फटकार, छात्राओं की अर्जी पर लगाया 15 लाख का जुर्माना

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समीति पर दो मामलों में जुर्माना लगाया है. जुर्माना दो छात्राओं की अर्जी पर लगाया गया है. मामला रिजल्ट अनियमितता का है. नवादा जिले के

बिहार बोर्ड को पटना हाईकोर्ट की फटकार, छात्राओं की अर्जी पर लगाया 15 लाख का जुर्माना
First Bihar
2 मिनट

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समीति पर दो मामलों में जुर्माना लगाया है. जुर्माना दो छात्राओं की अर्जी पर लगाया गया है. मामला रिजल्ट अनियमितता का है. नवादा जिले के आदर्श हायर सेकेंडरी की छात्रा सरस्वती कुमारी और बेगूसराय जिले के बीकेएसकेएस इंदर कॉलेज की छात्रा गौरी शंकर शर्मा दोनों छात्राओं के परीक्षा देने के बाद भी प्रमाणपत्र नही मिला, जिसके कारण न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा के एकपीठ ने बिहार बोर्ड के ऊपर एक केस में 10 लाख, जबकि दूसरे केस में 5 लाख का जुर्माना लगाया.



एक छात्रा जिसने 2012 में इंटर साइंस सब्जेक्ट से परीक्षा दिया था, उसके रिजल्ट 2020 में आया और दूसरी छात्रा जिसने फर्स्ट डिवीजन से दसवीं पास किया उसका मार्कसीट और सर्टिफिकेट दोनों रोक दिया गया. बोर्ड ने इसके पीछे का कारण यह बताया कि स्कूल ने रजिस्ट्रेशन फीस जमा नही किया है, जिसके कारण छात्रों का रिजल्ट स्कूल नहीं गया. बोर्ड के अधिकारीयों का कहना है कि बोर्ड का रिजल्ट तो तैयार ही था. यही सफाई बोर्ड की तरफ से भी दी गयी.   



पटना हाईकोर्ट ने बिहार बोर्ड को फटकार लगाते हुए कहा है कि छात्रो का सुनहरा भविष्य इंटर पास होने के बाद शुरू होता है. रिजल्ट रोककर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है. सर्टिफिकेट 2016 में तैयार होने के बाद भी प्रोविजनल सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर 2019 में किया गया, जिसमे साफ़ तौर पर बोर्ड की लापरवाही देखी गई है. छात्रों का 6 साल ख़राब गया, जिसके कारण हाईकोर्ट ने बोर्ड पर 5 लाख और 10 लाख का जुर्माना लगाकर उसे छात्रों को देने का आदेश दिया है. कोर्ट का कहना है कि ये राशी छात्राओं के भविष्य के लिए पर्याप्त नही है.


टैग्स