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रेलवे फाटकों के जाम से मिलेगी बड़ी राहत, बिहार के 10 जिलों में बनेंगे 37 ROB; जानिए किस जिले में कहां होगा निर्माण

Bihar Railway Overbridge: बिहार के 10 जिलों में रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से राहत के लिए 37 ROB और एक भूमिगत रास्ते की परियोजना आगे बढ़ी है। समस्तीपुर रेल मंडल के तहत आने वाली इन परियोजनाओं में दरभंगा, सहरसा, सीतामढ़ी समेत कई जिले शामिल...

रेलवे फाटकों के जाम से मिलेगी बड़ी राहत, बिहार के 10 जिलों में बनेंगे 37 ROB; जानिए किस जिले में कहां होगा निर्माण
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Railway Overbridge: बिहार के 10 जिलों में रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है. समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में 37 रोड ओवरब्रिज (ROB) और भूमिगत रास्तों के निर्माण की योजना को आगे बढ़ाया गया है. रेलवे ने इन परियोजनाओं को विशेष रेल परियोजना का दर्जा दिया है. इसके बाद अब संबंधित जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है.


इन परियोजनाओं का उद्देश्य ऐसे रेलवे फाटकों पर सड़क यातायात को सुगम बनाना है, जहां ट्रेन के गुजरने के दौरान फाटक बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. आरओबी बनने के बाद वाहनों को रेलवे फाटक बंद होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.


10 जिलों में फैली है 37 परियोजनाओं की योजना

समस्तीपुर रेल मंडल के तहत प्रस्तावित 37 परियोजनाएं बिहार के बेगूसराय, पश्चिम चंपारण, दरभंगा, खगड़िया, मधुबनी, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और सुपौल जिले में फैली हैं. इनमें 36 स्थानों पर रोड ओवरब्रिज और एक जगह सीमित ऊंचाई वाले भूमिगत रास्ते के निर्माण का प्रस्ताव है.


दरभंगा में सबसे ज्यादा 9 आरओबी

इन परियोजनाओं में सबसे ज्यादा 9 आरओबी दरभंगा जिले में बनाए जाने हैं. इसके बाद सहरसा में 6, सीतामढ़ी में 5 और सुपौल में 4 आरओबी प्रस्तावित हैं. मधुबनी, पूर्णिया और समस्तीपुर में 3-3 परियोजनाएं हैं. खगड़िया में 2 तथा बेगूसराय और पश्चिम चंपारण में 1-1 आरओबी का निर्माण प्रस्तावित है.


किस जिले में कहां बनेगा आरओबी

समस्तीपुर में हसनपुर रोड रेलवे यार्ड के फाटक संख्या 11बी, रुसेरा घाट रेलवे यार्ड के फाटक संख्या 17 और किशनपुर रेलवे यार्ड के फाटक संख्या 5 पर आरओबी बनाने का प्रस्ताव है.


दरभंगा में जोगियारा, सकरी, काकरघट्टी-तारसराय, लोहना रोड, कमतौल और लहेरियासराय रेलवे यार्ड से जुड़े कुल 9 स्थान परियोजना में शामिल हैं. इन स्थानों को अलग-अलग रेलवे फाटक संख्या और रेलखंड के आधार पर चिन्हित किया गया है.


सहरसा में सहरसा-सिमरी बख्तियारपुर, सहरसा-सोनबरसा कचहरी और सहरसा-पंचगछिया रेलखंड समेत कुल 6 स्थानों पर आरओबी प्रस्तावित हैं.


सीतामढ़ी में रीगा, ढेंग और डुमरा रेलवे यार्ड समेत कुल 5 स्थानों पर आरओबी बनाए जाने की योजना है.


सुपौल में गेहूं-गढबरुआरी-सुपौल रेलखंड से जुड़े फाटक संख्या 48, 51, 46 और 66 पर कुल 4 आरओबी प्रस्तावित हैं.


मधुबनी में पंडौल रेलवे यार्ड और राजनगर रेलवे यार्ड से जुड़े स्थानों पर कुल 3 परियोजनाएं हैं. इनमें दो आरओबी और एक सीमित ऊंचाई वाले भूमिगत रास्ते का प्रस्ताव है.


पूर्णिया में फाटक संख्या 33, 45 और 3 समेत तीन अलग-अलग स्थानों पर आरओबी बनाए जाने हैं.


खगड़िया में इमली और ओलापुर रेलवे यार्ड के पास फाटक संख्या 5 और 3 पर दो आरओबी प्रस्तावित हैं.


बेगूसराय में सलौना रेलवे यार्ड के फाटक संख्या 6बी के स्थान पर आरओबी बनाया जाना है.


पश्चिम चंपारण में फाटक संख्या 41 के स्थान पर दो लेन वाले आरओबी का निर्माण प्रस्तावित है.


इन 37 परियोजनाओं को विशेष रेल परियोजना घोषित किए जाने के बाद 28 सितंबर को संबंधित गजट प्रकाशित किया गया. इसके बाद परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संबंधित जिलों के जिला भू-अर्जन पदाधिकारियों को दी गई है.


जमीन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा. आरओबी और भूमिगत रास्ते बनने के बाद रेलवे फाटकों पर बार-बार सड़क यातायात रोकने की जरूरत कम होगी. इससे रेलवे और सड़क यातायात दोनों को सुचारू रखने में मदद मिलने की उम्मीद है.