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बिहार में तीन नए रिवरफ्रंट एक्सप्रेस-वे का खाका तैयार, गंगा-गंडक किनारे बनेगा आधुनिक फोरलेन नेटवर्क; जानिए.. क्या होंगे नाम?

Bihar Road Project: बिहार सरकार ने गंगा और गंडक नदी किनारे 220 किलोमीटर लंबे तीन नए रिवरफ्रंट फोरलेन एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना शुरू की है। विश्वामित्र, अंबिका और नारायणी पथ नाम के ये प्रोजेक्ट राज्य के विकास को नई रफ्तार देंगे।

Bihar Road Project
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Road Project: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गंगा और गंडक नदी के किनारे लगभग 220 किलोमीटर लंबे तीन नए फोरलेन रिवरफ्रंट एक्सप्रेस-वे बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है।


इस योजना को बिहार राज्य पथ विकास निगम (BSRDC) द्वारा विकसित किया जाएगा और इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार, परियोजना के लिए DPR तैयार करने, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय स्वीकृतियों हेतु कंसल्टेंसी एजेंसियों का चयन किया जाएगा। 


ये एजेंसियां अगले 12 महीनों में तकनीकी अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगी, जिसके बाद निर्माण कार्य की लागत तय कर काम शुरू किया जाएगा। सभी परियोजनाएं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित होंगी। इन तीनों एक्सप्रेस-वे के नाम विश्वामित्र पथ, अंबिका पथ और नारायणी पथ रखे गए हैं।


विश्वामित्र पथ:

यह लगभग 90 किलोमीटर लंबा होगा और मनेर से शुरू होकर आरा होते हुए बक्सर तक जाएगा। बक्सर में इसे यूपी के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और जनेश्वर मिश्र पुल से जोड़ा जाएगा, जिससे बिहार से लखनऊ और दिल्ली की कनेक्टिविटी और तेज हो जाएगी।


अंबिका पथ:

करीब 56 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से बिदुपुर, सोनपुर और दिघवारा को जोड़ा जाएगा। यह जेपी सेतु, गांधी सेतु और कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से भी जुड़ेगा, जिससे पटना में ट्रैफिक दबाव कम होगा और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंच आसान होगी।


नारायणी पथ:

यह 74 किलोमीटर लंबा फोरलेन होगा, जो सोनपुर के दरिहारा से गोपालगंज के डुमरिया तक गंडक नदी के किनारे बनेगा। यह मार्ग पटना को ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जोड़ते हुए व्यापार और माल परिवहन को गति देगा, साथ ही सारण और गोपालगंज के दियारा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।


पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र ने कहा कि विकसित बिहार के लक्ष्य के लिए आधुनिक सड़क नेटवर्क जरूरी है। इन परियोजनाओं से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि PPP मॉडल से सरकार पर वित्तीय बोझ भी कम रहेगा। ये तीनों एक्सप्रेस-वे बिहार को राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से जोड़कर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता