Bihar News : भोजपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक ने खवासपुर थाना के थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। एसपी ने साफ शब्दों में कहा है कि रिश्वतखोरी, अभद्र व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में खवासपुर थानाध्यक्ष विद्या भूषण, दारोगा दिलीप कुमार दिवाकर और पीटीसी मुंशी रमेश प्रसाद शामिल हैं। इन तीनों पर आरोप है कि उन्होंने एक मामले में थाना लाए गए युवकों को छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी। साथ ही पीड़ित पक्ष के साथ अभद्र व्यवहार और मामले को लेकर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगा है।
मामला 22 मई का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बड़हरा प्रखंड के खवासपुर थाना क्षेत्र स्थित महुली घाट पर एक युवक और युवती के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत को लेकर विवाद हो गया था। इसी मामले में पुलिस ने तीन युवकों को थाना पर बैठा लिया था। आरोप है कि युवकों को छोड़ने के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।
पीड़ित पक्ष ने इस पूरे मामले की शिकायत सदर एसडीपीओ-2 रंजीत सिंह और स्थानीय विधायक से की थी। शिकायत सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई गई। सदर एसडीपीओ-2 द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगने और अभद्रता के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच रिपोर्ट एसपी को सौंपी गई, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
भोजपुर एसपी राज ने मामले को गंभीर मानते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी ने कहा कि पुलिस की छवि खराब करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है। बताया जा रहा है कि खवासपुर थाना के थानाध्यक्ष पर इससे पहले भी पैसे के लेन-देन और विवाद को लेकर विभागीय कार्रवाई हो चुकी है। बावजूद इसके उनके व्यवहार में सुधार नहीं आया, जिसके बाद इस बार सख्त कदम उठाया गया।
एसपी ने सभी थानाध्यक्षों और पुलिसकर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी थाना से रिश्वतखोरी, मनमानी या आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिली तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम आम लोगों को न्याय दिलाना है, न कि उन्हें परेशान करना।
भोजपुर पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है। आम लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होती रही तो पुलिस व्यवस्था में लोगों का भरोसा और मजबूत होगा। वहीं विभाग के भीतर भी इस कार्रवाई के बाद अनुशासन को लेकर सख्ती बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है।





