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मानव तस्करी मामले में BNS के तहत बिहार में पहला स्पीडी ट्रायल, कोर्ट ने महज 24 दिनों में आरोपियों को दोषी करार दिया

Bihar Crime News: पश्चिम चंपारण के बगहा में मानव तस्करी मामले में BNS कानून के तहत पहला स्पीडी ट्रायल पूरा हुआ। अदालत ने 24 दिनों में सुनवाई पूरी कर पश्चिम बंगाल के दो आरोपियों को तीन नाबालिग बच्चियों की तस्करी के प्रयास में दोषी करार दिया।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© File
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Crime News: पश्चिम चंपारण के बगहा में मानव तस्करी के एक मामले में नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) कानून के तहत पहला स्पीडी ट्रायल पूरा हुआ है। बगहा की अदालत ने महज 24 दिनों में सुनवाई पूरी करते हुए पश्चिम बंगाल के दो आरोपियों को दोषी करार दिया है।


डीजे चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्र की अदालत ने मानव तस्करी के प्रयास के मामले में पश्चिम बंगाल निवासी नियोति देवी और उसके पुत्र नागेश भुइंया को दोषी माना है। दोनों पर तीन नाबालिग बच्चियों की तस्करी के प्रयास का आरोप सिद्ध हुआ है। अदालत अब 13 जुलाई को सजा के बिंदु पर फैसला सुनाएगी।


मामले में नौरंगिया थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। 15 जून को आरोप तय होने के बाद कोर्ट ने लगातार सुनवाई करते हुए 24 दिनों के भीतर गवाही और अन्य न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर दोनों को दोषी करार दिया।


अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी झाड़-फूंक और अंधविश्वास का सहारा लेकर भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और मानव तस्करी की कोशिश करते थे। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इस मामले को गंभीर अपराध मानते हुए त्वरित कार्रवाई की।


अब सभी की नजरें 13 जुलाई को आने वाले सजा के फैसले पर टिकी हैं। BNS के प्रावधानों के तहत मानव तस्करी जैसे अपराध में 15 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

DEEPAK RAJ

FirstBihar संवाददाता