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Bihar News: जेल के अंदर चल रहा था खेल? बेउर जेल रेड के बाद अधीक्षक समेत कई अधिकारी सस्पेंड

बेउर जेल में छापेमारी के बाद सरकार का बड़ा फैसला। जेल अधीक्षक नीरज झा समेत कई अधिकारियों पर गिरी गाज, जांच में मिलीं कई गंभीर अनियमितताएं।

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Tejpratap
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Bihar News: बिहार की राजधानी पटना स्थित केंद्रीय कारागार बेउर जेल में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर हुई जांच के बाद सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। जेल में सामने आईं गंभीर अनियमितताओं के मामले में जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा समेत कई अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।


कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, बेउर जेल के अधीक्षक नीरज कुमार झा के अलावा एक कारा उपाधीक्षक, चार सहायक अधीक्षक और दो हवलदारों पर भी कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही दो प्रोग्रामरों की सेवा भी वापस ले ली गई है। फिलहाल जेल डीआईजी राजीव कुमार को बेउर जेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


छापेमारी में सामने आईं कई खामियां


बताया जा रहा है कि 20 जून को जेल विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बेउर जेल में छापेमारी की थी। इस दौरान टीम को जेल की व्यवस्था में कई गंभीर गड़बड़ियां मिलीं। जांच अधिकारियों ने खान-पान व्यवस्था, कैदियों के वार्ड आवंटन और जेल के अंदर चल रही गतिविधियों को लेकर कई सवाल उठाए।


जांच में सामने आया कि जेल की कैंटीन में सामान निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर बेचा जा रहा था। इसके अलावा कुछ जेलकर्मियों पर आरोप है कि वे कैदियों को बाहर से मनचाही चीजें मंगवाकर ऊंचे दामों पर उपलब्ध कराते थे।


कुख्यात अपराधियों के साथ रखे जा रहे थे युवा कैदी


जांच टीम ने कैदियों को रखने की व्यवस्था पर भी गंभीर आपत्ति जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ युवा कैदियों को कुख्यात अपराधियों के साथ रखा गया था। अधिकारियों ने माना कि इससे युवा कैदियों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है और उनके शोषण की आशंका भी बढ़ती है।


छापेमारी के दौरान यह भी सामने आया कि जेल परिसर में अवैध तरीके से मेस संचालित किया जा रहा था। कई कैदी हीटर पर खाना बनाते हुए मिले, जबकि जेल नियमों के अनुसार इस तरह की गतिविधियों की अनुमति नहीं है।


कैंटीन और खाद्य व्यवस्था पर उठे सवाल


जांच के दौरान जेल कैंटीन के स्टॉक रजिस्टर में भी गड़बड़ी मिली। अधिकारियों ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। टीम अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।


सरकार ने निलंबित अधिकारियों की जगह नई तैनाती भी कर दी है। सुधीर शर्मा को सहायक उपाधीक्षक बनाया गया है, जबकि ज्योति कुमारी, राजीव रंजन और प्रियतम प्रियदर्शी को सहायक अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है।


विभागीय कार्रवाई भी शुरू


बेउर जेल मामले में निलंबित सभी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया गया है। सरकार का कहना है कि जेल व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


बेउर जेल बिहार की सबसे महत्वपूर्ण जेलों में शामिल है, जहां कई बड़े आपराधिक मामलों से जुड़े कैदी बंद हैं। ऐसे में जेल के अंदर मिली गड़बड़ियों ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब विभागीय जांच की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।