Bihar News: बिहार में खनिज संसाधनों की तलाश और इनके व्यावसायिक इस्तेमाल की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है। राज्य के गया और रोहतास जिले में खनिजों के कई महत्वपूर्ण भंडार मिलने के बाद अब इनके खनन और नीलामी की तैयारी तेज कर दी गई है। राज्य में चिह्नित किए गए वृहद खनिज के 14 ब्लॉकों में से कुछ ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, जबकि बाकी ब्लॉकों को लेकर भी प्रक्रिया जारी है।
खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार, गया और रोहतास में किए गए भू-वैज्ञानिक सर्वे के दौरान मैग्नेटाइट, वैनेडियम और ग्लूकोनाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के भंडार सामने आए हैं। इन खनिजों का इस्तेमाल स्टील उद्योग से लेकर कृषि और कई अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है। ऐसे में इन ब्लॉकों की नीलामी से बिहार में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गया में मैग्नेटाइट और रेयर मेटल का भंडार
गया जिले में लौह अयस्क के रूप में इस्तेमाल होने वाले मैग्नेटाइट के साथ रेयर मेटल के भंडार की पहचान की गई है। सर्वे के आधार पर खिजरसराय प्रखंड के सपनेरी इलाके में खनिज ब्लॉक चिह्नित किया गया है। वहीं शेरघाटी के समीप बांके बाजार प्रखंड की लुटुआ ग्राम पंचायत क्षेत्र में भी खनिज ब्लॉक की पहचान हुई है।
मैग्नेटाइट को महत्वपूर्ण लौह-अयस्क माना जाता है। इसमें लोहे की मात्रा करीब 60 से 72 प्रतिशत तक हो सकती है। इसका प्रमुख इस्तेमाल आयरन और स्टील के उत्पादन में होता है। बिहार में इसके भंडार मिलने से राज्य में खनिज आधारित उद्योगों के लिए नई संभावनाएं बन सकती हैं।
रोहतास में ग्लूकोनाइट के बड़े भंडार
रोहतास जिले में भी खनिज संपदा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रोहतास और नौहट्टा प्रखंड के नवाडीह, शाहपुर, अकबरपुर और टीपा क्षेत्रों में ग्लूकोनाइट के ब्लॉक चिह्नित किए गए हैं। ग्लूकोनाइट को पोटेशियम का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। इसका इस्तेमाल कृषि क्षेत्र में मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और पोटाश आधारित उर्वरक तैयार करने में किया जा सकता है। इससे कृषि के साथ-साथ खनिज आधारित उद्योगों को भी फायदा मिलने की संभावना है।
17 अगस्त को पटना आएगी केंद्रीय टीम
इन खनिज ब्लॉकों की नीलामी को लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। केंद्रीय खान एवं भूतत्व मंत्रालय की एक टीम 17 अगस्त को पटना पहुंचेगी। इस दौरान संभावित निवेशकों को खनिज ब्लॉकों और नीलामी प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए रोड शो आयोजित किया जाएगा। रोड शो में ब्लॉकों की नीलामी की समय-सारणी, बोली लगाने की प्रक्रिया, पर्यावरणीय मंजूरी और सामाजिक प्रभावों से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश की संभावनाओं को भी सामने रखा जाएगा।
14 खनिज ब्लॉकों से ₹5000 करोड़ से ज्यादा राजस्व की उम्मीद
खान एवं भूतत्व विभाग के मुताबिक, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार के खान मंत्रालय ने बिहार में वृहद खनिज के 14 ब्लॉकों को नीलामी के लिए उपलब्ध कराया है। इनमें रोहतास के दो और गया के एक ब्लॉक की नीलामी केंद्र सरकार के स्तर पर प्रस्तावित है, जबकि रोहतास के एक ब्लॉक की नीलामी राज्य सरकार करा चुकी है। बाकी 10 ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
विभाग को उम्मीद है कि सभी ब्लॉकों की नीलामी पूरी होने के बाद बिहार सरकार को 5000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा खनन गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और संबंधित उद्योगों में निवेश बढ़ने की संभावना है।
वैनेडियम का भी मिला महत्वपूर्ण भंडार
सर्वे के दौरान वैनेडियम की मौजूदगी की जानकारी भी सामने आई है। वैनेडियम का बड़ा हिस्सा मिश्र धातु तैयार करने में इस्तेमाल होता है। इसका उपयोग मजबूत स्टील बनाने में किया जाता है। ऐसे स्टील का इस्तेमाल पुलों, ऊंची इमारतों, सुरंगों और साइकिल के फ्रेम सहित कई क्षेत्रों में किया जाता है। खनिज संसाधनों की यह खोज बिहार के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब केंद्रीय टीम के प्रस्तावित पटना रोड शो और आगामी नीलामी प्रक्रिया पर निवेशकों और उद्योग जगत की नजर रहेगी।
अवनीश कुमार सिंह, सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार, गया और रोहतास में खनन के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर नीलामी प्रक्रिया चल रही है। इसी सिलसिले में केंद्रीय टीम 17 अगस्त को पटना आएगी और रोड शो के जरिए संभावित निवेशकों को पूरी जानकारी दी जाएगी।





