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Bihar Crime : CO के ड्राइवर की दबंगई, पार्किंग विवाद में राजस्व कर्मी के बेटे पर तानी पिस्टल; अब पुलिस ने लिया एक्शन

आरा में एक मामूली पार्किंग विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जब सीओ के निजी चालक ने युवक पर पिस्टल तान दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

Bihar Crime : CO के ड्राइवर की दबंगई, पार्किंग विवाद में राजस्व कर्मी के बेटे पर तानी पिस्टल; अब पुलिस ने लिया एक्शन
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar Crime : बिहार के आरा शहर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नवादा थाना क्षेत्र में एक मामूली पार्किंग विवाद अचानक इतना बढ़ गया कि बात पिस्टल तानने तक पहुंच गई। आरोप है कि बड़हरा अंचलाधिकारी (सीओ) अंशु प्रशुन के निजी चालक ने विवाद के दौरान एक युवक पर अवैध हथियार तान दिया।


घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, नवादा थाना इलाके में सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते यह मामूली विवाद उग्र हो गया। इसी दौरान सीओ के निजी चालक ने अपना आपा खो दिया और कथित तौर पर पिस्टल निकालकर राजस्व कर्मी के बेटे पर तान दी। इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और इलाके में दहशत का माहौल बन गया।


घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध पिस्टल भी बरामद की गई। इस पूरे मामले में नवादा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। यह प्राथमिकी राजस्व कर्मी सह अंचल निरीक्षक (सीआई) की पत्नी के बयान पर दर्ज की गई है, जिसमें चालक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एक सरकारी अधिकारी का निजी चालक अवैध हथियार लेकर कैसे घूम रहा था। क्या उसे किसी तरह का संरक्षण प्राप्त था, या फिर यह पूरी तरह व्यक्तिगत स्तर की हरकत थी? यह सवाल अब जांच का प्रमुख विषय बन गया है। पीड़ित परिवार ने न सिर्फ चालक पर, बल्कि सीओ की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।


पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के समय सीओ अंशु प्रशुन की मौजूदगी संदिग्ध थी। उनका कहना है कि पुलिस ने सीओ को थाने से छोड़ दिया, जबकि केवल उनके चालक पर ही कार्रवाई की गई। इसके अलावा सीओ पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया है। इन आरोपों के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।


मामले को लेकर भोजपुर जिले के पुलिस अधीक्षक राज ने बयान जारी करते हुए कहा कि आरोपी चालक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। एसपी ने कहा कि यदि जांच में सीओ की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।


वहीं, जब इस मामले में सीओ अंशु प्रशुन से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उनका चुप रहना भी कई सवाल खड़े कर रहा है और मामले को और पेचीदा बना रहा है।


इस घटना के सामने आने के बाद पूरे भोजपुर जिले में चर्चा का माहौल गर्म है। आम लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब प्रशासनिक अधिकारी से जुड़े लोग ही कानून की धज्जियां उड़ाएंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता की भी परीक्षा ले रही है।


फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद क्या निष्कर्ष सामने आता है और क्या वास्तव में दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई होती है या नहीं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला प्रशासनिक तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

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