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संजय झा पर भड़के अनंत सिंह ! कौन कितना बड़ा पहलवान है, हम सब जानते हैं, बड़का-बड़का पद पर हैं तो उहे काहे नहीं जिम्मेदारी ले रहे..?

पटना स्नातक सीट को लेकर जदयू में घमासान बढ़ता जा रहा है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर कई बार विरोध करने का आरोप लगाते हुए पार्टी नेतृत्व को भी घेरा और कहा कि अब उनके मामले में पार्टी को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

संजय झा पर भड़के अनंत सिंह ! कौन कितना बड़ा पहलवान है, हम सब जानते हैं, बड़का-बड़का पद पर हैं तो उहे काहे नहीं जिम्मेदारी ले रहे..?
Tejpratap
Tejpratap
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Anant Singh : पटना स्नातक सीट को लेकर जदयू के अंदर मचा घमासान अब खुलकर सामने आ गया है। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने जदयू के विधान पार्षद नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पार्टी नेतृत्व पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अनंत सिंह ने साफ कहा कि नीरज कुमार ने लंबे समय तक उनका विरोध किया, लेकिन उस समय पार्टी ने उनसे कोई जवाब नहीं मांगा। अब जब वह खुलकर नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं तो पार्टी के कुछ नेता इस मामले में हस्तक्षेप कर रहे हैं। अनंत सिंह ने कहा कि अगर पार्टी को इस विवाद में हस्तक्षेप करना ही था तो उसे पहले से करना चाहिए था।


अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार ने उनका कई बार विरोध किया। यही नहीं, उन्होंने मुंगेर के सांसद और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का भी दो बार विरोध किया। अनंत सिंह का सवाल है कि उस समय पार्टी के नेता कहां थे? उन्होंने कहा कि जब नीरज कुमार उनका विरोध कर रहे थे, तब पार्टी ने उन्हें क्यों नहीं रोका और उनसे जवाब क्यों नहीं मांगा गया? अनंत सिंह ने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि अगर पार्टी को इस मामले में इतनी ही चिंता है तो नीरज कुमार को उनके सामने बैठाया जाए और दोनों के बीच खुली बहस कराई जाए। उन्होंने कहा कि तब सब कुछ साफ हो जाएगा कि किसने किसका विरोध किया और किस वजह से किया।


अनंत सिंह ने कहा कि उनके वोट से मुख्यमंत्री की कुर्सी तय होती है, लेकिन इसके बावजूद नीरज कुमार लगातार उनका विरोध करते रहे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब नीरज कुमार के वोट से कौन क्या बन जाएगा, जो पार्टी उनके मामले को लेकर इतनी बेचैन हो रही है। हालांकि, अनंत सिंह ने यह भी कहा कि पार्टी में किसी तरह की बेचैनी नहीं होनी चाहिए। अगर पार्टी में बेचैनी है तो यह अच्छी बात नहीं है।


'पार्टी तब कहां थी जब मेरा विरोध हो रहा था?'

अनंत सिंह ने अपने पुराने विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनके खिलाफ कार्रवाई और आरोपों का दौर चल रहा था, तब भी पार्टी ने उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने दुलारचंद हत्याकांड का जिक्र करते हुए नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। अनंत सिंह का कहना है कि उन्हें इस मामले में फंसाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि आज दुलारचंद के साथ रहने वाले लोग नीरज कुमार के साथ गाड़ी में घूम रहे हैं। अनंत सिंह ने सवाल उठाया कि आखिर नीरज कुमार को उनका समर्थन क्यों मिल रहा है और इसके पीछे की राजनीतिक वजह क्या है?


पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन पर भी सवाल

अनंत सिंह ने जन सुराज के नेता रहे पीयूष प्रियदर्शी के नीरज कुमार के समर्थन में आने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पीयूष प्रियदर्शी विधानसभा चुनाव के दौरान जन सुराज के साथ थे, लेकिन अब पटना स्नातक चुनाव में नीरज कुमार का समर्थन कर रहे हैं। अनंत सिंह ने दावा किया कि इसकी वजह राजनीतिक समीकरण है। उनके मुताबिक विधानसभा चुनाव के दौरान नीरज कुमार ने पीयूष प्रियदर्शी का समर्थन किया था और अब उसी का राजनीतिक फायदा नीरज कुमार को मिल रहा है। अनंत सिंह ने कहा कि ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर पीयूष प्रियदर्शी अब नीरज कुमार के साथ क्यों खड़े हैं।


पीले गमछे पर भी अनंत सिंह का जवाब

पटना स्नातक चुनाव को लेकर अनंत सिंह के पीला गमछा पहनने को लेकर उठ रहे सवालों पर भी उन्होंने सफाई दी। अनंत सिंह ने कहा कि वह हर दिन गमछा लेकर चलते हैं। माता रानी पर चढ़ाया हुआ गमछा उनके पास रहता है और उसका रंग पीला ही होता है। ऐसे में पीला गमछा पहनने को लेकर कोई नई राजनीतिक बात नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके गमछे के रंग को लेकर बेवजह राजनीति की जा रही है। अनंत सिंह ने पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर पार्टी ने उनके लिए इतना काम किया है तो उसे यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने पार्टी के लिए कितना योगदान दिया है।


'कौन कितना बड़ा पहलवान है, हम सब जानते हैं'

अनंत सिंह ने जदयू के नेताओं पर बेहद तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कौन कितना बड़ा पहलवान है, यह वह अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नाम पर कई लोग बड़े पदों तक पहुंचे हैं और आज अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं। अनंत सिंह ने यहां तक कहा कि नीतीश कुमार के नाम पर बने लोगों की अपनी कोई औकात नहीं है। उनके इस बयान से जदयू के अंदर चल रही खींचतान और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

'बड़े-बड़े पद पर बैठे नेता मेरे बारे में बोलकर दिखाएं'

अनंत सिंह ने कहा कि जब उनका मामला सामने आया तो पार्टी के कई नेता जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं। कोई ललन सिंह को जिम्मेदारी देने की बात कर रहा है तो कोई किसी और नेता का नाम ले रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी में कई बड़े-बड़े पदों पर नेता बैठे हुए हैं। अगर उनमें हिम्मत है तो उनके बारे में खुलकर बोलें।अनंत सिंह ने साफ किया कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से उनकी फिलहाल कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि ललन सिंह से उनकी बातचीत हुए एक महीने से ज्यादा का समय हो चुका है।

'पार्टी बुलाएगी तो तर्क-वितर्क करने जाऊंगा'

अनंत सिंह ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर पार्टी उन्हें बुलाती है तो वह बातचीत के लिए जरूर जाएंगे, लेकिन किसी के दबाव में अपना रुख बदलने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के सामने तर्क-वितर्क रखेंगे और अपनी बात मजबूती से रखेंगे।

पटना स्नातक सीट को लेकर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच शुरू हुआ यह विवाद अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर जदयू के अंदर की राजनीति पर सवाल खड़े करने लगा है। एक तरफ पार्टी के नेता दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश में हैं, वहीं अनंत सिंह लगातार आक्रामक तेवर अपनाए हुए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पार्टी नेतृत्व दोनों नेताओं के बीच विवाद को खत्म कर पाएगा या पटना स्नातक सीट का चुनाव जदयू के अंदर की खींचतान को और गहरा करेगा?