ब्रेकिंग
Bihar News : अब ब्लॉक नहीं जाना पड़ेगा! बिहार के पंचायत भवन बनेंगे मिनी सचिवालय, जानिए क्या-क्या मिलेगाBihar News: SI परीक्षा देने जा रहे हैं? रेलवे ने कर दिया बड़ा इंतजाम, 12 स्पेशल ट्रेनों का पूरा टाइमटेबल देखेंBihar weather : आज घर से निकलने से पहले पढ़ लें! बिहार के 27 जिलों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनीBihar News : बिहार से हरियाणा जाना होगा आसान! 6 शहरों से शुरू होगी सरकारी AC बस सेवाBihar Ias Transfer: बिहार के 10 आईएएस अफसरों का ट्रांसफर-पोस्टिंग, पूरी लिस्ट देखिए..Bihar News : अब ब्लॉक नहीं जाना पड़ेगा! बिहार के पंचायत भवन बनेंगे मिनी सचिवालय, जानिए क्या-क्या मिलेगाBihar News: SI परीक्षा देने जा रहे हैं? रेलवे ने कर दिया बड़ा इंतजाम, 12 स्पेशल ट्रेनों का पूरा टाइमटेबल देखेंBihar weather : आज घर से निकलने से पहले पढ़ लें! बिहार के 27 जिलों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनीBihar News : बिहार से हरियाणा जाना होगा आसान! 6 शहरों से शुरू होगी सरकारी AC बस सेवाBihar Ias Transfer: बिहार के 10 आईएएस अफसरों का ट्रांसफर-पोस्टिंग, पूरी लिस्ट देखिए..

Anant Singh : 'मोकामा विधायक ने ऑर्गनाइज क्राइम और वैमनस्य फैलाया..', अनंत सिंह पर कसता जा रहा शिकंजा ! अब BNS की गैर-जमानती धाराओं ने बढ़ाई टेंशन

मोकामा विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ीं। गोपालगंज पुलिस ने हथियार प्रदर्शन मामले में BNS की धारा 111 और 196 जोड़ने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। जानिए पूरा मामला।

Anant Singh : 'मोकामा विधायक ने ऑर्गनाइज क्राइम और वैमनस्य फैलाया..', अनंत सिंह पर कसता जा रहा शिकंजा ! अब BNS की गैर-जमानती धाराओं ने बढ़ाई टेंशन
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Anant Singh : बिहार की राजनीति में एक बार फिर बाहुबली छवि वाले Anant Singh चर्चा के केंद्र में हैं। गोपालगंज पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की दो नई गंभीर धाराएं जोड़ने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है। इन धाराओं के जुड़ने के बाद विधायक की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पुलिस का कहना है कि मामला सिर्फ हथियार लहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संगठित अपराध और सामाजिक वैमनस्य फैलाने जैसे गंभीर पहलू भी सामने आए हैं।


जानकारी के अनुसार, पुलिस ने BNS की धारा 111 और धारा 196 जोड़ने की अर्जी दी है। धारा 111 संगठित अपराध से जुड़ी हुई है, जबकि धारा 196 धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच नफरत और वैमनस्य फैलाने से संबंधित मानी जाती है। दोनों ही धाराएं गैर-जमानती श्रेणी में आती हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोर्ट इन धाराओं को स्वीकार कर लेता है और आरोप साबित हो जाते हैं, तो आरोपी को लंबी सजा का सामना करना पड़ सकता है।


फिलहाल इस मामले में MP-MLA कोर्ट ने अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर 30 मई तक रोक लगा रखी है। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख भी 30 मई निर्धारित की है। ऐसे में अब सबकी नजर आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि नई धाराओं के जुड़ने से विधायक की अग्रिम जमानत की राह और कठिन हो सकती है।


दूसरी ओर विधायक पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। अनंत सिंह की ओर से पैरवी कर रहे पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता कुमार हर्षवर्द्धन ने पुलिस पर बिना पर्याप्त साक्ष्य के विधायक का नाम मामले में जोड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस ने राजनीतिक और दबाव की मंशा से कार्रवाई की है। अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि मामले में विधायक की सीधी संलिप्तता साबित नहीं हुई है, इसलिए गिरफ्तारी उचित नहीं होगी।


पूरा मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमरांव गांव से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि 2 और 3 मई को अनंत सिंह भोजपुरी गायक Gunjan Singh के यहां आयोजित जनेऊ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर उनके समर्थकों द्वारा हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई।


वीडियो सामने आने के बाद मीरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस केस में अनंत सिंह, गुंजन सिंह समेत कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान हथियारों का प्रदर्शन कानून व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने वाला था और इससे सामाजिक तनाव की स्थिति बन सकती थी।


जांच के क्रम में गोपालगंज पुलिस ने अनंत सिंह और उनके समर्थकों को नोटिस जारी कर हथियारों और उनके लाइसेंस के साथ 15 मई तक उपस्थित होने का निर्देश दिया था। पुलिस हथियारों की बैलिस्टिक जांच कराना चाहती थी ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियारों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और वे वैध थे या नहीं। हालांकि निर्धारित समय तक न तो विधायक और न ही उनके समर्थक जांच में शामिल हुए। इसके बाद पुलिस ने मामले को और गंभीर मानते हुए नई धाराएं जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी।


राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। आने वाले दिनों में कोर्ट का फैसला इस पूरे मामले की दिशा तय करेगा। फिलहाल गोपालगंज पुलिस की कार्रवाई और कोर्ट में दाखिल अर्जी ने मोकामा विधायक की चिंता जरूर बढ़ा दी है।