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Bihar News : बिहार सरकार की बड़ी सौगात: पटना में खुला पहला ‘फ्री’ वर्किंग वुमन हॉस्टल, सिर्फ इतने रुपए में रहना-खाना

पटना के रूपसपुर में ‘आकांक्षा’ छात्रावास का शुभारंभ। 50 बेड की सुविधा, निशुल्क आवास और 3000 रुपये भोजन शुल्क के साथ सुरक्षित व्यवस्था।

Bihar News : बिहार सरकार की बड़ी सौगात: पटना में खुला पहला ‘फ्री’ वर्किंग वुमन हॉस्टल, सिर्फ इतने रुपए में रहना-खाना
Tejpratap
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Bihar News : पटना के आईएएस कॉलोनी (रूपसपुर) क्षेत्र में कामकाजी महिलाओं के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में ‘आकांक्षा’ छात्रावास का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह छात्रावास समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार द्वारा संचालित किया जाएगा। 50 बेड की क्षमता वाले इस आधुनिक छात्रावास का उद्देश्य जिले में अकेले रहकर सरकारी अथवा निजी क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और सुलभ आवास उपलब्ध कराना है।


छात्रावास का उद्घाटन निगम की प्रबंध निदेशक बंदना प्रेयषी ने किया। इस अवसर पर दानापुर के अनुमंडल पदाधिकारी अनिरुद्ध पांडेय, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक विकास कुमार तथा सहायक निदेशक शशांक सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने छात्रावास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम बताया।


उद्घाटन समारोह में प्रबंध निदेशक बंदना प्रेयषी ने कहा कि यह छात्रावास मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि अक्सर कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ‘आकांक्षा’ छात्रावास उन्हें भयमुक्त वातावरण प्रदान करेगा, जिससे वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी एकाग्रता और आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगी।


अन्य जिलों में भी खुलेगा छात्रावास

राज्य सरकार की योजना के अनुसार, मुजफ्फरपुर और पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी इसी प्रकार के छात्रावास खोले जाएंगे। इसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, चरणबद्ध तरीके से इन जिलों में भवन चिन्हित कर संचालन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


निशुल्क आवास, 3000 रुपये भोजन शुल्क

‘आकांक्षा’ छात्रावास में रहने की सुविधा पूरी तरह निशुल्क रखी गई है। हालांकि भोजन के लिए प्रति माह 3000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। छात्रावास में आधुनिक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रत्येक आवासीय कक्ष में बेड, लॉकर, टेबल-कुर्सी उपलब्ध है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त निर्बाध बिजली आपूर्ति, आरओ युक्त स्वच्छ पेयजल, टेलीविजन तथा निशुल्क वाई-फाई की सुविधा भी दी जा रही है।


चार मंजिला इस भवन के प्रत्येक तल पर दो किचन बनाए गए हैं, जिससे महिलाओं को भोजन बनाने में सुविधा होगी। छात्रावास के सुचारू संचालन के लिए अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया सहित आवश्यक कर्मियों की नियुक्ति की गई है।


ऑनलाइन आवेदन और चयन प्रक्रिया

छात्रावास में प्रवेश के लिए इच्छुक महिलाएं महिला एवं बाल विकास निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। प्रारंभिक चयन के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से अंतिम सूची जारी की जाएगी।


आवेदिका की अधिकतम मासिक आय सीमा 75,000 रुपये निर्धारित की गई है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद लाभार्थी को सात दिनों के भीतर निर्धारित बैंक खाते में 3000 रुपये मासिक भोजन शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही 30 दिनों के भीतर छात्रावास में प्रवेश लेना होगा, अन्यथा आवंटन निरस्त किया जा सकता है।


आवेदन के समय कार्यरत होने से संबंधित प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची, स्थानीय अभिभावक का विवरण तथा दिव्यांगता की स्थिति में संबंधित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। ‘आकांक्षा’ छात्रावास की शुरुआत राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। यह पहल न केवल कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने करियर पर केंद्रित रहने में भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।