NEET student : चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत और यौन हिंसा के मामले में SIT की टीम ने शनिवार को शंभु हॉस्टल का मुआयना किया। टीम में एक एएसपी, दो डीएसपी और चार थानाध्यक्ष शामिल हैं, जबकि महिला थानेदार को शामिल नहीं किया गया। SIT में एक महिला डीएसपी और एक महिला थानाध्यक्ष मौजूद रहीं। इस जांच की निगरानी खुद IG जितेंद्र राणा करेंगे।
IG राणा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि घटनास्थल का मुआयना और तकनीकी जांच जारी है। साथ ही अब तक हुए अनुसंधान की समीक्षा भी की जाएगी। ADG कमजोर वर्ग भी घटनास्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है और SIT जल्द मामले का उद्वेदन करेगी।
जांच में सामने आया कि छात्रा 26 दिसंबर को स्वजन के साथ जहानाबाद गई थी और 5 जनवरी की दोपहर 3.05 बजे पटना जंक्शन पहुंची। 3.34 बजे हॉस्टल पहुंची। 6 जनवरी को बेहोशी की हालत में मिली और 6-10 जनवरी तक कदमकुंआ के निजी अस्पताल में भर्ती रही। हालत गंभीर होने पर उसे कंकड़बाग के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 जनवरी को उसकी मौत हुई।
पुलिस ने बताया कि हॉस्टल में 13 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। छात्रा के कमरे में एक ही दरवाजा है। 5 और 6 जनवरी का फुटेज देखा जा चुका है, जबकि 6-10 जनवरी का फुटेज भी जांच में लिया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस हत्या या आत्महत्या की संभावना पर भी जांच कर रही है।
जांच में कई सवाल उठ रहे हैं: कमरे में नींद की दवा कैसे पहुंची, छात्रा ने खुद खरीदी या किसी ने दी, हॉस्टल संचालक ने बेहोशी की तुरंत सूचना क्यों नहीं दी, मकान मालिक/संचालक की गिरफ्तारी क्यों की गई। छात्रा के मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री में सुसाइड और नींद की दवा से जुड़ा रिकॉर्ड मिला है।
स्वजन और हॉस्टल में मौजूद लोगों ने अस्पताल और SHO पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गर्ल्स हॉस्टल संचालक ने 10-15 लाख रुपये का ऑफर दिया। मामले की जांच SIT या अन्य एजेंसियों से कराने और डॉक्टर व SHO के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।






