ब्रेकिंग
अफसर बनकर रची लूट की साजिश, 40.50 लाख रुपये लूटकर हुए फरार; तीन गिरफ्तार, स्कॉर्पियो बरामद‘रामराज की बात करने वालों ने रामधन लूटा’, अखिलेश यादव का BJP पर हमला, जातीय जनगणना पर दिया जोरनहाने के दौरान तीन लड़के गड्ढे में डूबे, दो की मौत; एक की हालत गंभीरबिहार के इस जिले में बदल जाएगी 33 वार्डों की तस्वीर, 7.17 करोड़ से लगेंगी 8000 LED स्ट्रीट लाइटेंबेजुबान से रूह का रिश्ता! बकरी ‘कटोरी’ की मौत पर मालिक ने छपवाए शोक कार्ड, 1000 लोगों को कराया 13वीं का भोजअफसर बनकर रची लूट की साजिश, 40.50 लाख रुपये लूटकर हुए फरार; तीन गिरफ्तार, स्कॉर्पियो बरामद‘रामराज की बात करने वालों ने रामधन लूटा’, अखिलेश यादव का BJP पर हमला, जातीय जनगणना पर दिया जोरनहाने के दौरान तीन लड़के गड्ढे में डूबे, दो की मौत; एक की हालत गंभीरबिहार के इस जिले में बदल जाएगी 33 वार्डों की तस्वीर, 7.17 करोड़ से लगेंगी 8000 LED स्ट्रीट लाइटेंबेजुबान से रूह का रिश्ता! बकरी ‘कटोरी’ की मौत पर मालिक ने छपवाए शोक कार्ड, 1000 लोगों को कराया 13वीं का भोज

पटना के डीएम–एसएसपी को आम लोगों के लिए वक्त नहीं, जानिए.. हाईकोर्ट ने अतिरिक्त DM और SSP तैनात करने को क्यों कहा

PATNA : पटना के डीएम और एसएसपी के पास आम लोगों के लिए वक्त नहीं है। जनता का काम करने के लिए डीएम और एसएसपी के पास समय की कमी को देखते हुए, पटना हाईकोर्ट ने एक अतिरिक्त डीएम और

पटना के डीएम–एसएसपी को आम लोगों के लिए वक्त नहीं, जानिए.. हाईकोर्ट ने अतिरिक्त DM और SSP तैनात करने को क्यों कहा
Editor
3 मिनट

PATNA : पटना के डीएम और एसएसपी के पास आम लोगों के लिए वक्त नहीं है। जनता का काम करने के लिए डीएम और एसएसपी के पास समय की कमी को देखते हुए, पटना हाईकोर्ट ने एक अतिरिक्त डीएम और एसएसपी को नियुक्त करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है। दरअसल पटना हाईकोर्ट ने नेपाली नगर से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता को यह निर्देश दिया है कि पटना के डीएम और एसएसपी को जनता का काम करने के लिए समय नहीं है क्योंकि वीआईपी मूवमेंट के दौरान उन्हें पायलटिंग करने से फुर्सत नहीं है। हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता को कहा है कि डीएम और एसएसपी स्तर के एक–एक अधिकारी को तैनात कर उन्हें वीआईपी मूवमेंट के दौरान पायलटिंग का काम दिया जाए ताकि डीएम और एसएसपी जनता का काम कर सकें। 


हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि गलत हलफनामा देने वाले एक बिल्डर को गिरफ्तार करने का निर्देश पटना के एसएसपी को दिया गया था लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। फिर उसके बाद कोर्ट ने एसआईटी का गठन किया तो दूसरे दिन ही उस बिल्डर को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट यह बताना चाह रहा था कि पटना के डीएम और एसएसपी के पास काम का अतिरिक्त दबाव है। इसमें वीआईपी मूवमेंट को लेकर ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। 


नेपाली नगर के मामले में सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट में गुरुवार को आवास बोर्ड की तरफ से सीनियर एडवोकेट पीके शाही ने बात रखी। पीके शाही ने दावा किया कि नेपाली नगर स्थित 400 एकड़ जमीन पर किसी का भी दावा मान्य नहीं है, आवास बोर्ड की तरफ से कोर्ट में कहा गया है कि कोई भी आवेदक उनकी जमीन पर कोई कानूनी अधिकार नहीं रखता है। किसी भी जमीन खरीदी को लेकर कोई भी दस्तावेज नहीं दिया गया है। जमीन किसके द्वारा कब खरीदी गई है इसका खुलासा नहीं किया गया है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकलपीठ ने इस मामले की सुनवाई की, हालांकि समय कम होने के कारण सुनवाई अधूरी रह गई। अब अगली सुनवाई 16 अगस्त को 2:15 बजे से होगी।