Patna accident : बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जब कदम कुआं थाना क्षेत्र अंतर्गत सालिमपुर अहरा के बाकरगंज नाले पर बना एक मकान अचानक धंस गया। दलदली रोड स्थित बाकरगंज नाले के ऊपर वर्षों पहले बनाया गया यह बहुमंजिला मकान अचानक बैठ जाने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना सुबह लगभग 10 बजे के आसपास की बताई जा रही है, जब अधिकांश लोग अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। अचानक हुई इस घटना ने लोगों को सकते में डाल दिया।
चार लोग भीतर फंसे बताए जा रहे हैं
सूत्रों के अनुसार, मकान में रहने वाले दर्जनों लोग खतरे में आ गए थे, जिनमें से कई तो तुरंत बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन चार लोग अभी भी मलबे में फंसे हैं। आसपास के लोगों और स्थानीय प्रशासन द्वारा तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। सूचना मिलते ही कदम कुआं थाने की पुलिस टीम, फायर ब्रिगेड और पटना नगर निगम की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई है।
नाले पर अवैध निर्माण बना हादसे की वजह
बाकरगंज नाले पर बना यह मकान लंबे समय से खतरनाक स्थिति में था। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले के ऊपर बने इस तरह के मकानों की नींव बेहद कमजोर होती है, क्योंकि वे पक्के आधार पर नहीं टिके होते। यही बात इस मकान के साथ भी हुई। लगातार हो रही बारिश और नाले के आसपास की जमीन दलदली होने के कारण मकान धीरे-धीरे झुक रहा था। आज सुबह अचानक इसका एक बड़ा हिस्सा जोरदार आवाज के साथ धंस गया।
स्थानीय प्रशासन ने घेरा इलाका, रेस्क्यू जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के पूरे इलाके को घेर लिया है। रेस्क्यू टीम राहत कार्य में जुटी हुई है, ताकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। बचावकर्मी हाइड्रोलिक जैक और कटर की मदद से मलबा हटाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, नाले का क्षेत्र होने के कारण वहां कीचड़ और गंदे पानी की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं।
स्थानीय लोगों की भीड़ भी वहां जमा हो गई है। लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जाए। मौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि धंसने के साथ जोरदार आवाज हुई, और मकान का एक बड़ा हिस्सा झुक गया। कई लोग डर के मारे बाहर भागे, लेकिन कुछ लोग अंदर ही रह गए।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि मकान का निर्माण अवैध रूप से नाले के ऊपर किया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम की अनदेखी और भ्रष्टाचार के चलते नाले के ऊपर ऐसे कई अवैध निर्माण खड़े हैं, जो कभी भी बड़े हादसे को जन्म दे सकते हैं।
कदम कुआं थानाध्यक्ष ने कहा—'बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी'
कदम कुआं थानाध्यक्ष ने बताया कि चार लोगों के अब भी अंदर फंसे होने की सूचना मिली है और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। फायर ब्रिगेड, SDRF और पुलिस की टीम संयुक्त रूप से काम कर रही है। आसपास के मकानों को भी खाली कराया जा रहा है ताकि किसी अन्य प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों में दहशत, नगर निगम पर सवाल
इस हादसे के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई की होती, तो आज इतनी बड़ी घटना नहीं होती। वहीं, नगर निगम के अधिकारी ने कहा है कि जल्द ही क्षेत्र में बने अन्य अवैध निर्माण की भी जांच की जाएगी।
प्रेम राज की रिपोर्ट






