Patna High Court Chief Justice: पटना उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति पवन कुमार भीमप्पा बजंथरी को रविवार को राजभवन में शपथ दिलाई गई। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्रिपरिषद के सदस्य, न्यायपालिका और राजनीतिक क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण लोग उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को ही न्यायमूर्ति बजंथरी को पटना उच्च न्यायालय का 46वां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया था। इससे पहले 27 अगस्त 2025 को केंद्र सरकार द्वारा उन्हें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। अब राष्ट्रपति की स्वीकृति और मंत्रालय की अधिसूचना के बाद वे पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश बने हैं।
न्यायमूर्ति बजंथरी का जन्म 23 अक्टूबर 1963 को हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा धारवाड़ स्थित 135 वर्ष पुराने कन्नड़ सांस्कृतिक संगठन "विद्यावर्धक संघ" से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक लिंगायत एजुकेशन सोसायटी से संबद्ध स्कूलों में अपनी शिक्षा जारी रखी। विधि स्नातक की डिग्री उन्होंने बेंगलुरु के एस.जे.आर. लॉ कॉलेज से प्राप्त की।
1990 में उन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय की बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन किया और विभिन्न विधिक शाखाओं में अभ्यास किया। इस दौरान वे कर्नाटक लोक सेवा आयोग की ओर से उच्च न्यायालय में भी पक्षकार बने। 2 जनवरी 2015 को उन्हें कर्नाटक उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 16 मार्च 2015 को उनका स्थानांतरण पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में कर दिया गया।
लगभग साढ़े तीन वर्षों के बाद, 17 नवंबर 2018 को वे पुनः कर्नाटक उच्च न्यायालय लौटे। 20 अक्टूबर 2021 को उन्होंने पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। पटना उच्च न्यायालय में अपने कार्यकाल के दौरान न्यायमूर्ति बाजंत्री ने कई ऐतिहासिक फैसले सुनाए।
विशेष रूप से बिहार में लागू शराबबंदी कानून के दुरुपयोग पर उन्होंने गंभीर टिप्पणियां कीं और न्यायिक मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके अलावा, विवाह, तलाक और परिवार न्यायालयों से संबंधित मामलों में भी उनकी पीठ द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय दिए गए।





