PATNA: पटना के बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड के मानिकपुर गांव निवासी गुलशन कुमार ने अपने साहस और दोस्ती की ऐसी मिसाल पेश की, जिसे भुला पाना मुश्किल है। गुलशन अपने तीन दोस्तों के साथ पटवारिया नदी में नहा रहा था। इसी दौरान तीनों दोस्त नदी की तेज धार में डूबने लगे। गुलशन ने बिना अपनी जान की परवाह किए सभी तीनों दोस्तों की जान बचा ली, लेकिन खुद गहराई में समा गए और डूब गए। जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गयी।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद स्थानीय गोताखोरों को मौके पर बुलाया गया और नदी में तलाश शुरू हुई, लेकिन कई घंटों की कोशिशों के बाद भी गुलशन का शव नहीं मिल पाया। शव की बरामदगी में देरी और प्रशासनिक निष्क्रियता को लेकर गांव के लोगों में आक्रोश फूट पड़ा। भदौर और पंडारक थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित पुल के पास ग्रामीणों ने शहरी-सरमेरा पथ को जाम कर दिया और आगजनी कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इस दौरान यातायात जाम हो गया जिसके चलते कई गाड़ियां जाम में फंसी रही और राहगीरों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। जाम की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष और मुखिया ने ग्रामीणों और मृतक के परिजनों को समझा-बुझाकर जाम को हटवाया।
अंचलाधिकारी ने बताया कि आपदा प्रबंधन दल के पांच टीमें बाढ़ राहत कार्य में लगी हुई हैं, और शाम के 5 बजे के बाद नदी में तलाशी अभियान नहीं चलाया जा सकता। परिजनों को आश्वासन दिया गया कि सुबह में गुलशन के शव की खोज फिर से शुरू की जाएगी और प्रशासन हरसंभव मदद करेगा। गुलशन ने अपने दोस्तों को बचाकर जो वीरता दिखाई, वह एक सच्चे दोस्त और इंसानियत की मिसाल है। समाज को ऐसे जांबाज युवकों पर गर्व होना चाहिए।
बाढ़ से कुंदन किशोर की रिपोर्ट





