PATNA: किसी ने सोचा नहीं था कि आधार कार्ड बनवाने और उसमें सुधार करवाने के लिए इतनी मशक्कत करनी पड़ेगी। देर रात से ही पटना के जीपीओ में हर दिन लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रहती है। बिहार के कई जिलों से लोग आधार कार्ड का काम करवाने के लिए पटना आते हैं और रातभर फुटपाथ पर रात गुजारते है और देर रात 3 बजे से ही लाइन में लग जाते हैं। इसे लेकर लोगों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
लोगों का कहना है कि आधार कार्ड सब चीज में जरूरी कर दिया गया है लेकिन इसे बनाने और इसमें सुधार कराने की व्यवस्था नहीं की गयी है। जिसके बाद किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, भोजपुर, गया, नवादा, जहानाबाद, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण सहित कई जिलों के लोग आधार कार्ड बनवाने और इसमें सुधार के लिए राजधानी पटना का रुख कर रहे हैं। हर दिन पटना जीपीओ में हजारों की भीड़ देखी जा रही है। जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल रहते हैं। किसी को आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधारना है, तो कोई मोबाइल नंबर, पता, नाम, बायोमेट्रिक कराने, पिता का नाम में हुई गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए जीपीओ आ रहे हैं लेकिन यहां की भीड़ को देखकर वो भी हैरान रह जा रहे हैं।
लोगों की शिकायत है कि देर रात से वो कतार में लगे हैं लेकिन पर्ची तक नहीं मिल पाई है। कई लोगों का कहना है कि वो लगातार कई महीनों से जीपीओ का चक्कर लगा रहे है। उनके जिले में आधार सुधरवाने और नया बनवाने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उन्हें पटना जीपीओ आना पड़ रहा है लेकिन यहां की भीड़ को देखकर मन उदास हो जा रहा है कि लाइन में घंटो लगने के बावजूद काम नहीं हो पा रहा है। फिर अगले दिन जीपीओ आने का प्लान बनाते हैं। मिली जानकारी के अनुसार UIDAI के अधिकतर आधार सेंटर ब्लॉक, जिला और पटना समेत पूरे बिहार में फिलहाल सस्पेंड हैं।
पटना के एक्जीबिशन रोड स्थित आधार सेंटर में रोजाना 1000 से ज्यादा लोग अपना काम करवाने आते थे, तब इतनी परेशानी नहीं होती थी लेकिन उस सेंटर के बंद होने के चलते पूरी भीड़ पटना जीपीओ में उमड़ रही है। जीपीओ में हर रोज करीब 15 सौ लोग आधार में सुधार करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन संसाधनों की कमी की कारण केवल 8 काउंटर आधार में सुधार के लिए और 2 काउंटर मोबाइल नंबर अपडेट के लिए खुले हैं। आधार में सुधार के लिए हर दिन यहां 300 लोगों के बीच फॉर्म बांटे जाते हैं जबकि भीड़ हजारों की होती है। जिसका फायदा दलाल उठा रहे हैं। हालांकि दलालों पर पुलिस ने नजर बनाये रखी है। लोगों का कहना है कि हर सरकारी कामकाज में आधार कार्ड मांगता है, लेकिन कुछ गड़बड़ी रहने पर काम आगे नहीं बढ़ पाता है। आधार में सुधार करवाना पैदल कलकता जाने के बराबर है। कुछ लोगों का कहना था कि आधार कार्ड में सुधार होना भगवान से भेंट होने के समान है।





