Patna Water Metro: पटना में गंगा नदी में वाटर मेट्रो सेवा शुरू होने का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है. दशहरा के बाद और दीपावली से पहले गंगा में वाटर मेट्रो का परिचालन शुरू होने की उम्मीद है. इसके लिए करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इलेक्ट्रिक जहाज ‘एमवी गोमधरकुंवर’ पटना पहुंच चुका है और इसके संचालन से जुड़ी तैयारियां अंतिम चरण में हैं.
वाटर मेट्रो के परिचालन के लिए एनआइटी और दीघा घाट पर दो चार्जिंग स्टेशन तैयार किए गए हैं. भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अधिकारियों के अनुसार, जहाज को चार्ज करने के लिए फास्ट चार्जिंग सिस्टम के साथ डीजल सिस्टम भी तैयार है. स्लो चार्जिंग सिस्टम का अभी ट्रायल किया जा रहा है. ट्रायल सफल होने के बाद जहाज के नियमित परिचालन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
42 मीटर लंबा है एमवी गोमधरकुंवर
गंगा में चलने वाला ‘एमवी गोमधरकुंवर’ करीब 42 मीटर लंबा है और इसमें एक साथ 75 यात्रियों के बैठने की क्षमता है. यह वातानुकूलित इलेक्ट्रिक जहाज है, जिसे खास तौर पर जल परिवहन के लिए तैयार किया गया है. जहाज के पटना पहुंचने के बाद से ही यह गंगा तट पर खड़ा है और इसके परिचालन का इंतजार किया जा रहा है.
इलेक्ट्रिक जहाज कोलकाता के हावड़ा स्थित हुगली कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में तैयार किया गया है. इसे पिछले साल 27 सितंबर 2025 को पटना लाया गया था. इसके बाद गंगा नदी में जहाज का ट्रायल भी किया जा चुका है.
IWAI के अधिकारी के मुताबिक, एमवी गोमधरकुंवर में बिजली के साथ डीजल से चलने की भी व्यवस्था है. जहाज में लगा फास्ट चार्जिंग सिस्टम सफलतापूर्वक काम कर रहा है. फास्ट चार्जिंग के जरिए जहाज को करीब आधे घंटे में पूरी तरह चार्ज किया जा सकता है. फुल चार्ज होने के बाद यह करीब एक से डेढ़ घंटे तक लगातार चल सकेगा.
इसके अलावा जहाज के लिए स्लो चार्जिंग सिस्टम भी लगाया गया है. इस सिस्टम से पूरी तरह चार्ज होने के बाद जहाज करीब पांच से छह घंटे तक चल सकेगा. फिलहाल इसी स्लो चार्जिंग व्यवस्था का ट्रायल चल रहा है.
गंगा में वाटर मेट्रो का परिचालन पर्यटन विकास निगम की ओर से किया जाना है. इसके शुरू होने के बाद पटना में गंगा नदी के रास्ते पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. दशहरा के बाद और दीपावली से पहले इसके परिचालन की तैयारी की जा रही है.
वर्तमान में जहाज के चार्जिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. स्लो चार्जिंग सिस्टम का ट्रायल सफल होने के बाद वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.





