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‘एक साल में करोड़पति बना दूंगी’… मीठी बातों में फंसा पटना का शख्स, मुंबई वाली मैडम 97 लाख समेटकर हुई गायब!

Bihar News: राजधानी पटना में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर दिखे एक निवेश विज्ञापन के जरिए एक व्यक्ति से करीब 97 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए आरोपियों...

‘एक साल में करोड़पति बना दूंगी’… मीठी बातों में फंसा पटना का शख्स, मुंबई वाली मैडम 97 लाख समेटकर हुई गायब!
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Cyber Fraud News: राजधानी पटना में साइबर ठगी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ‘जल्दी अमीर बनने’ के सपने को एक खौफनाक हकीकत में बदल दिया। राजधानी के अनीसाबाद इलाके के एक व्यक्ति को एक अनजान कॉल आया और उसी कॉल ने उसकी जिंदगी की कमाई को चंद दिनों में साफ कर दिया। खुद को मुंबई की बताने वाली एक महिला ने ऐसा जाल बुना कि देखते ही देखते 97 लाख रुपये उसके खाते से निकल गए।


एक क्लिक और शुरू हुआ खेल

सब कुछ शुरू हुआ सोशल मीडिया पर दिखे एक चमकदार विज्ञापन से। “कम समय में ज्यादा मुनाफा” इस लाइन ने पीड़ित का ध्यान खींचा। जैसे ही उसने लिंक पर क्लिक किया, कुछ ही देर में फोन बजा। दूसरी तरफ एक महिला थी, जिसने खुद को एक बड़ी निवेश कंपनी की एक्सपर्ट बताया।


उसने ‘पोलियस फाइनेंस पिक’ नाम के प्लेटफॉर्म का ऐसा खाका खींचा कि पीड़ित को लगा मानो अब किस्मत बदलने वाली है। एक साल में लखपति से करोड़पति बनने का भरोसा दिया गया और यहीं से शुरू हुआ असली खेल।


भरोसे के नाम पर करोड़ों की ठगी

महिला ने पहले छोटी रकम निवेश कराने को कहा, ताकि भरोसा बने। फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम लगाने के लिए उकसाया। हर बार मुनाफे के सपने और भी बड़े होते गए और पीड़ित भी उस जाल में और गहराई तक फंसता चला गया।


कुछ ही दिनों में अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 97 लाख रुपये महिला द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। पीड़ित को लग रहा था कि वह अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी डील कर रहा है, लेकिन असल में वह ठगी का शिकार हो चुका था।


अचानक गायब हुई ‘मैडम’

13 अप्रैल को कहानी ने अचानक मोड़ लिया। महिला का फोन बंद हो गया। पहले लगा कि नेटवर्क या तकनीकी समस्या होगी, लेकिन जब कई कोशिशों के बाद भी संपर्क नहीं हुआ, तो शक गहराने लगा। जब पीड़ित ने उस कंपनी और प्लेटफॉर्म के बारे में खुद जांच की, तो पैरों तले जमीन खिसक गई, न कोई कंपनी, न कोई ऑफिस… सब कुछ फर्जी!


गायब हुआ विज्ञापन, खुल गई साजिश

जिस विज्ञापन के जरिए यह पूरा खेल शुरू हुआ था, वह भी सोशल मीडिया से गायब हो चुका था। इससे साफ हो गया कि यह पूरी तरह सुनियोजित साइबर ठगी थी, जिसमें पहले जाल बिछाया गया और फिर शिकार को फंसाकर साफ कर दिया गया।


अब पुलिस के भरोसे न्याय

पीड़ित ने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया के मुताबिक, जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनकी जांच की जा रही है। कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल सबूतों के जरिए ठगों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।


एक गलती और सब खत्म

यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले “जल्दी अमीर बनने” के सपने अक्सर जाल होते हैं। एक क्लिक, एक कॉल और जिंदगी भर की कमाई पल भर में खत्म हो सकती है।