ब्रेकिंग
चालान काटकर भूल गए? अब विभाग नहीं भूलेगा! जुर्माना नहीं भरा तो गाड़ी होगी लॉक, सड़क पर भी हो सकती है जब्ती✦MLC क्या होता है? विधायक से कितना अलग है विधान परिषद का सदस्य, जानिए सैलरी, पावर और मिलने वाली सुविधाओं की पूरी कहानी✦छठ से पहले दिल्ली से बिहार के 7 शहरों के लिए चलेंगी 50 से ज्यादा AC लग्जरी बसें, LG की मंजूरी का इंतजार✦MLC Election Result 2026: चार राज्यों की 28 सीटों पर किसने मारी बाजी? BJP-SP में कांटे की टक्कर, बिहार में निर्दलीयों का दबदबा✦दिनदहाड़े 2.30 करोड़ रुपये की लूट, पिस्टल दिखाकर कैश से भरा बैग लेकर फरार हुए बदमाश✦चालान काटकर भूल गए? अब विभाग नहीं भूलेगा! जुर्माना नहीं भरा तो गाड़ी होगी लॉक, सड़क पर भी हो सकती है जब्ती✦MLC क्या होता है? विधायक से कितना अलग है विधान परिषद का सदस्य, जानिए सैलरी, पावर और मिलने वाली सुविधाओं की पूरी कहानी✦छठ से पहले दिल्ली से बिहार के 7 शहरों के लिए चलेंगी 50 से ज्यादा AC लग्जरी बसें, LG की मंजूरी का इंतजार✦MLC Election Result 2026: चार राज्यों की 28 सीटों पर किसने मारी बाजी? BJP-SP में कांटे की टक्कर, बिहार में निर्दलीयों का दबदबा✦दिनदहाड़े 2.30 करोड़ रुपये की लूट, पिस्टल दिखाकर कैश से भरा बैग लेकर फरार हुए बदमाश

पटना सिटी के पूर्व डीएसपी अमित शरण पर चलेगी विभागीय कार्रवाई, सरकार का फैसला

PATNA: राज्य सरकार ने पटना सिटी के पूर्व SDPO और डीएसपी अमित शरण के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलाने का आदेश दिया है. अमित शरण फिलहाल पुलिस मुख्यालय में तैनात हैं. उनके खिलाफ विभागीय क

पटना सिटी के पूर्व डीएसपी अमित शरण पर चलेगी विभागीय कार्रवाई, सरकार का फैसला
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA: राज्य सरकार ने पटना सिटी के पूर्व SDPO और डीएसपी अमित शरण के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलाने का आदेश दिया है. अमित शरण फिलहाल पुलिस मुख्यालय में तैनात हैं. उनके खिलाफ विभागीय कारवाई चलाने का आदेश गृह विभाग ने जारी कर दिया है.


DSP अमित शरण पर  आरोप है कि 30 अगस्त 2020 से अगस्त 2022 तक पटना के पटना सिटी में एसडीपीओ रहते हुए उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को सही से पुरा नहीं किया. सिटी में बतौर एसडीपीओ उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक तरीके से नहीं किया. अमित शरण ने  विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सुपरवीजन - निरीक्षण में लापरवाही बरती है.


पुलिस मुख्यालय ने अमित शरण की लापरवाही को सही पाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी. इसके बाद गृह विभाग ने कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है.गृह विभाग ने आरोपी DSP को नोटिस जारी कर 15 दिन में ये बताने को कहा है कि उनके खिलाफ क्यों नहीं कार्रवाई की जाए. 


वहीं सरकार ने  डीएसपी मनोज कुमार सुधांशु को निलंबन से मुक्त कर दिया है और उन्हें पुलिस मुख्यालय में तैनात किया है. DSP मनोज पर आरोप है कि साल 2018 में कहलगांव के एसडीपीओ रहते हुए उन्होंने कहलगांव थाना में दर्ज कांड संख्या 337 में लापरवाही बरती थी. इसी आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया था. उन पर आरोप था कि पासिंग गिरोह के विरुद्ध दर्ज इस कांड की जांच उन्हें 28 मई 2018 को सौंपी गयी थी, लेकिन इस मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गयी थी. DSP सुधांशु ने इस कांड में जब्त किये गये करीब 50 लाख रुपये को छोड़ने के लिए एनओसी जारी कर दिया था.