Rural works engineer raid : छापेमारी की डर से लाखों रुपए की नोट जलाने वाले ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय ने काली कमाई का हिसाब-किताब अलग-अलग रंगों की पांच डायरियों में दर्ज किया हुआ है। इसके बाद अब इन डायरियों ने को बरामद किया है। इनमें अलग-अलग वर्षों में किए गए लेन-देन का मोबाइल नंबरों के साथ उल्लेख है।
जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय के पास से जो डायरी बरामद हुई है। इसमें कई गहरे राज दबे हुए हो सकते हैं। बरामद किया है। इनमें अलग-अलग वर्षों में किए गए लेन-देन का मोबाइल नंबरों के साथ उल्लेख है। सिल्वर रंग की डायरी में हिसाब-किताब के साथ मोबाइल नंबर भी दर्ज हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा। तिरुपति इंटरप्राइज लिखी नारंगी रंग की डायरी में वर्ष 2024 के लेन-देन का हिसाब है।
चार्टड अकाउंटेंट लिखी हुई वर्ष 2022 की डायरी भी बरामद हुई हैं, जिसमें 2022 का हिसाब-किताब लिखा हुआ है। काफी कलर की दो डायरियों में भी हिसाब-किताब दर्ज है। इसके अलावा लाल और काले रंग की तीन पेन ड्राइव भी बरामद हुई है, जिसके डाटा की जांच की जा रही है। छापेमारी में लवकुश पेट्रोलियम का पैन कार्ड भी बरामद हुआ है।
भ्रष्ट इंजीनियर विनोद राय के पास एक दर्जन से अधिक बैंक खाते और पासबुक मिले हैं। एचडीएफसी, आइसीआइसीआइ, बैंक आफ इंडिया, आंध्रा बैंक, इलाहाबाद बैंक, स्टेट बैंक आफ इंडिया, यूनियर बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक जैसे सभी प्रमुख बैंकों के चेकबुक ईओयू को छापेमारी में मिले हैं।
एचडीएफसी बैंक के दो ब्लैंक चेक मिले हैं, जिन पर रोहित कश्यप और मोनिका कुमारी के अलग-अलग हस्ताक्षर हैं। इसी तरह पीएनबी का भी एक हस्ताक्षर किया हुआ ब्लैंक चेक बरामद हुआ है। इसके अलावा बैंक आफ इंडिया का ढाई लाख का चेक मिला है, जिसपर उषा देवी का नाम और विनोद कुमार राय का हस्ताक्षर है। बैंक आफ इंडिया के ब्लैंक चेक और यूनियन बैंक के दो लाख के चेक पर पत्नी बबली राय के हस्ताक्षर मिले हैं।






