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बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: अस्पताल से मांगी एम्बुलेंस, अधिकारियों ने भी नहीं सुनी फरियाद, तब मरीज को ठेले पर लादकर ले गए परिजन

DESK: एक ओर जहां सारण जिले में एम्बुलेंस दो वर्षों से धूल फांक रही है वही आज भी कई जरूरतमंदों को एम्बुलेंस नसीब नहीं हो पा रही है। बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने का

बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: अस्पताल से मांगी एम्बुलेंस, अधिकारियों ने भी नहीं सुनी फरियाद, तब मरीज को ठेले पर लादकर ले गए परिजन
Santosh Singh
2 मिनट

DESK: एक ओर जहां सारण जिले में एम्बुलेंस दो वर्षों से धूल फांक रही है वही आज भी कई जरूरतमंदों को एम्बुलेंस नसीब नहीं हो पा रही है। बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने का एक मामला पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से सामने आया है। जहां अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्था पर एक बार फिर से सवाल खड़ा हो गया है। 



दरअसल शनिवार को शहर के शिवगंज निवासी एक युवक को सांस लेने की समस्या थी। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन को एंबुलेंस के लिए फोन किया लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंचा। इसके बाद वरीय अधिकारी से कई बार गुहार भी लगाई लेकिन किसी ने एक न सुनी। अंत में थक-हारकर परिजन मरीज को ठेले पर लादकर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे। जिसके बाद मरीज को अस्पताल में एडमिट कराया जा सका। 



बताया जाता है कि शिवगंज निवासी मुनीलाल पासवान के 30 वर्षीय पुत्र चंदन पासवान को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। परिजनों ने नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल प्रशासन को एंबुलेंस के लिए कई बार फोन किया। यहां तक की नरकटियागंज के वरीय पदाधिकारियों को फोन कर एंबुलेंस की मांग की लेकिन 2 घंटे गुजरने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं मिली तो परिजन खुद एक सब्जी बेचने वाले ठेले पर युवक को लिटाकर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे। 


इस दौरान रास्ते में कई लोगों ने मरीज को ठेले से जाते देखा और वीडियो बना लिया। जो सोशल मीडिया पर भी वायरल है। जो बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रही है।