Bihar News: खबर सहरसा से है, जहां सदर थाना क्षेत्र के पूरब बाजार स्थित निजी क्लीनिक में एक दूधमुहे बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गयी। परिजनों ने निजी अस्पताल के प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से मामले को शांत कराया।
दरअसल, मधेपुरा जिले के अर्रार थाना इलाके के बिरगांव निवासी प्रशांत कुमार बीते 4 सितम्बर अपनी गर्भवती पत्नी को सहरसा शहर के मीरा टॉकीज स्थित स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर निशा के निजी क्लीनिक में भर्ती कराया था। जहां करीब शाम पांच बजे उसकी पत्नी ने एक नवजात लड़के को जन्म दिया। डॉ निशा ने सलाह दी कि किसी शिशु विशेषज्ञ चिकित्सक से बच्चे को दिखला लें।
इसके बाद प्रशांत ने शहर के पूरब बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक में बच्चे को दिखाने ले गए। जहां डॉ. श्रवन कुमार ने नवजात शिशु को आईसीयू में भर्ती कर लिया और कहा कि सीरियस का इलाज किया जा रहा है। लेकिन शनिवार के अहले सुबह करीब 4 बजे बच्चे की मौत हो गई। परिजन ने आरोप लगाया कि बच्चा ठीक हो रहा था और ईलाज में लापरवाही बरती गई जिस वजह से बच्चे की मौत हुई है।
पिता ने अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि डॉक्टर श्रवन कुमार ने इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है उन्होंने कहा कि बच्चा जन्म के बाद से ही उसकी जीभ काली थी और ट्रीटमेंट किए जाने को दौरान ही उसकी मौत हुई है। सूचना मिलते ही सदर थाने की पुलिस पहुंची और परिजनों को शांत करवाया। सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने कहा कि पीड़ित लिखित शिकायत देंगे तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।





