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घुड़सवार बनने की राह पर बिहार की 'हॉर्स गर्ल', 15 साल की नीतू ने थामा घोड़े का लगाम

मुजफ्फरपुर की 15 साल की नीतू ने हॉर्स गर्ल के रूप में पहचान बनाई। पढ़ाई के साथ घुड़सवारी करती हैं और प्रतियोगिताओं में जिले व राज्य का नाम रोशन करना चाहती हैं।

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हौसला बढ़ा रहे गांव वाले
© social media
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MUZAFFARPUR: रानी लक्ष्मीबाई जब युद्ध के मैदान में घोड़ा दौड़ाती थीं तो अंग्रेजों के घोड़े उनके सामने कमजोर पड़ जाते थे। आज उसी साहस और आत्मविश्वास की झलक मुजफ्फरपुर की 15 साल की नीतू में देखने को मिलती है। नीतू जो सरैया के गंगोलिया गांव की रहने वाली हैं, अपनी घुड़सवारी के लिए पहचानी जाती हैं। नीतू का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


हॉर्स गर्ल नीतू कौन हैं?

ग्रामीण परिवेश में जहां लड़कियों के शौक अक्सर सीमित होते हैं और कई घरों में उन्हें बाहर जाने तक की अनुमति नहीं होती, वहीं नीतू ने घुड़सवारी में अपनी अलग पहचान बनाई है। जब वह घोड़े पर सवार होती हैं, तो ऐसा लगता है कि वह हवा से बात कर रही हों।


नीतू का घुड़सवार बनने का सपना

नीतू आठवीं कक्षा में पढ़ती हैं और उनका सपना एक दिन पेशेवर घुड़सवार बनना है। पढ़ाई के बाद वह रोज अपने घोड़े के साथ सड़क पर निकलती हैं। नीतू कहती हैं, परिवार का पूरा सहयोग मिल रहा है। भविष्य में घुड़सवारी को अपना करियर बनाउंगी और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर जिले और राज्य का नाम रोशन करना चाहती हूं।


नीतू ने घुड़सवारी को अपने दैनिक जीवन में शामिल कर लिया है। पढ़ाई के साथ-साथ यह शौक उन्हें खुशी और अलग पहचान देता है। नीतू का यह जुनून गांव की अन्य लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। लोग उनकी घुड़सवारी देखकर हैरान भी होते हैं और उन्हें प्रोत्साहित भी करते हैं।


बचपन से घोड़े से लगाव

नीतू का घोड़े के प्रति लगाव बचपन से है। उन्होंने अपने दादा से घुड़सवारी सीखी। वह बताती हैं, दादा जी ने घोड़ा पर चढ़ना और उसके संतुलन और लगाम को संभालना सिखाया। धीरे-धीरे मैं घोड़ा दौड़ाने लगी। नीतू आज आत्मविश्वास के साथ घोड़ा चलाती हैं। नीतू का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। 

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