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Bihar News : रात में काम से लौट रहे थे दो मजदूर, खेत में बिछा था मौत का तार; सुबह मिली दोनों की लाश

पटना के नौबतपुर में खुले बिजली तार की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई। दोनों रात में काम खत्म कर डेरे लौट रहे थे। सुबह खेत में शव मिलने से हड़कंप मच गया।

Bihar News : रात में काम से लौट रहे थे दो मजदूर, खेत में बिछा था मौत का तार; सुबह मिली दोनों की लाश
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar News : पटना के नौबतपुर में बुधवार रात दर्दनाक हादसा सामने आया है। शेखोपुर बधार में खुले और असुरक्षित बिजली तार की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई। दोनों मजदूर ग्रीन सिटी साइट पर काम करते थे और रात में काम खत्म करने के बाद अपने डेरे की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान खेत की बोरिंग के लिए बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।घटना नौबतपुर थाना क्षेत्र के शेखोपुर बधार की है। हादसा रात के अंधेरे में हुआ, जिसकी वजह से तत्काल किसी को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। दोनों मजदूर रात में काम खत्म करने के बाद अपने ठिकाने की ओर जा रहे थे। रास्ते में खेत के पास बिछा बिजली का तार उनके लिए मौत का कारण बन गया।


गुरुवार सुबह जब किसान और ग्रामीण खेतों की ओर पहुंचे तो उनकी नजर दो युवकों के शवों पर पड़ी। खेत में शव पड़े होने की खबर कुछ ही देर में आसपास के इलाकों में फैल गई। देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।घटना की सूचना नौबतपुर पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर बिजली के खुले तार की चपेट में आने से मौत की बात सामने आ रही है। मृतकों में एक की पहचान जानीपुर थाना क्षेत्र के कोर्रा गांव निवासी 18 वर्षीय चिंटू कुमार के रूप में हुई है। वहीं दूसरे मजदूर की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस दूसरे मृतक की पहचान कराने की कोशिश कर रही है।


ग्रामीणों के मुताबिक खेतों में बोरिंग चलाने के लिए कई जगह बिजली के तार असुरक्षित तरीके से बिछाए जाते हैं। कई बार ये तार जमीन के बेहद करीब या खुले में पड़े रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसी स्थिति में खेतों में काम करने वाले लोगों और राहगीरों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है।ग्रामीणों का कहना है कि खुले तारों को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है, लेकिन इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। बुधवार रात हुआ हादसा इसी लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है।दो मजदूरों की मौत के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग और संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है।


हादसे के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया। उनकी मांग है कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।ग्रामीणों का कहना है कि अगर बिजली का तार सुरक्षित तरीके से बिछाया गया होता और उसे जमीन से अलग या सुरक्षित रखा गया होता तो संभव है कि यह दर्दनाक हादसा नहीं होता। मौके पर पहुंची पुलिस ग्रामीणों को समझाने और स्थिति को सामान्य करने का प्रयास कर रही है। खबर लिखे जाने तक दोनों शव घटनास्थल पर ही थे।


अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि खेत में बिजली का तार किसके द्वारा बिछाया गया था और उसे किस तरीके से बिजली की आपूर्ति दी जा रही थी। यह भी पता लगाया जा रहा है कि तार खुले में क्यों पड़ा था और क्या सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए थे।पुलिस जांच में यह भी सामने आ सकता है कि बिजली का कनेक्शन वैध था या नहीं और बोरिंग संचालक अथवा अन्य किसी व्यक्ति की इसमें भूमिका थी या नहीं। जांच के बाद ही हादसे की पूरी जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।


नौबतपुर की इस घटना ने खेतों में बिजली के तारों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेतों में बोरिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली व्यवस्था अगर खुले तारों के सहारे चल रही हो तो यह किसी भी राहगीर या किसान के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।एक तरफ दो परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए, वहीं दूसरी तरफ हादसे के बाद ग्रामीण जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं।फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। दूसरे मृतक की पहचान और बिजली के खुले तार के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या संस्था की भूमिका सामने आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।