BETTIAH: कुछ महीने बाद ही बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसकी तैयारी में तमाम राजनीतिक दल अभी से ही लग चुके हैं। टिकट लेने के लिए लोग पार्टी दफ्तर का चक्कर लगा रहे हैं। हर कोई चुनाव में किस्मत आजमाना चाहता है। यह सोचकर कि कब किस्मत साथ दे दें। ऐसा एक सपना नरकटियागंज की किन्नर माया रानी ने देखा हैं। नरकटियागंज में होने वाले विधानसभा चुनाव में किन्नर समाज की एंट्री हो गयी है। जानी-मानी किन्नर प्रतिनिधि माया रानी ने आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि यहां का जो विधायक है वो ठीक से काम नहीं किया। विधायक बनकर जनता की सेवा मैं ईमानदारी पूर्वक करना चाहती हूं।
माया रानी ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब किन्नर समाज सिर्फ समाज सेवा तक सीमित न रहकर राजनीति में भी अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने साफ कहा कि किन्नर समाज को हमेशा उपेक्षित समझा गया है, लेकिन हर मुश्किल समय में— चाहे कोरोना महामारी हो, बाढ़ और सुखाड़ हो, या गरीब बेटियों की शादी और बच्चों की पढ़ाई—हर जगह किन्नर समाज ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है। इसके बावजूद आज तक किसी सांसद, विधायक या पार्षद ने उनके दुख-दर्द को नहीं समझा। उन्होंने कहा कि अब किन्नर समाज अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई के लिए राजनीतिक मंच पर उतरेगा।
अक्टूबर में राष्ट्रीय सम्मेलन
इसी कड़ी में आने वाले अक्टूबर महीने में देशभर के किन्नर समाज के प्रतिनिधियों का जुटान भी नरकटियागंज में होगा। इसमें समान अधिकार और सामाजिक न्याय की दिशा में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
"सिर्फ चुनाव नहीं, सामाजिक न्याय की लड़ाई"
किन्नर समाज की प्रतिनिधि काजल रानी और पिंकी रानी ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ राजनीति के लिए नहीं, बल्कि समान अधिकार और सामाजिक न्याय की लड़ाई की शुरुआत है।इस मौके पर काजल रानी, पिंकी रानी, अरविंद कुमार, अमित कुमार, फिरोज़ आलम, गौतम कुमार, बृजेश कुमार और पप्पू कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने जनता से अपील की कि वे अपने वोट के जरिए इस सामाजिक बदलाव का हिस्सा बनें।





