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तेजस्वी से नहीं संभल रहा स्वास्थ्य विभाग ! CM नीतीश के गृह जिले में सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से डॉक्टर गायब, झाड़ -फूक से हो रहा इलाज

NALANDA : बिहार में पिछले साल अगस्त के महीने में महागठबंधन की सरकार बनी और इस सरकार में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेवारी तेजस्वी यादव ने अपने कंधो पर लिया है। इसके बाद वो लगातार इसमें

तेजस्वी से नहीं संभल रहा स्वास्थ्य विभाग ! CM नीतीश के गृह जिले में सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से डॉक्टर गायब,  झाड़ -फूक से हो रहा इलाज
Tejpratap
Tejpratap
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NALANDA : बिहार में पिछले साल अगस्त के महीने में महागठबंधन की सरकार बनी और इस सरकार में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेवारी तेजस्वी यादव ने अपने कंधो पर लिया है। इसके बाद वो लगातार इसमें सुधार को लेकर तरह - तरह की योजनाएं भी लाते रहते हैं, इतना ही नहीं खुद मंत्री देर रात राज्य के सरकारी अस्पतालों का निरिक्षण करने भी निकल जाते हैं। लेकिन, इसके बाबजूद व्यवस्था में सुधार नहीं देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में अब एक ताजा मामला बिहार के मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से जुड़ा हुआ है। यहां सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में कोई डॉक्टर नहीं आ रहे हैं,जिस वजह से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 


मिली जानकारी के अनुसार, नालंदा के सदर अस्पताल में मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में इलाज के लिए मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। यहां इमरजेंसी वार्ड में कोई डॉक्टर मौजूद ही नहीं है। जिसके बाद कुछ मरीज के परिवार तो इलाज के लिए निजी क्लीनिक जाना पड़ रहा है तो कुछ को इमरजेंसी वार्ड में ही तांत्रिक से झाड़ फूक कराया जा रहा है। 


दरअसल, पहला मामला बिहारशरीफ के मांशूर नगर का है। जहां अमरदीप चौधरी के 16 वर्षीय पुत्र रौविन कुमार गिरकर बेहोश हो गया। जिसे आनन फानन में परिवार के लोगो ने इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल लाया गया। जहां इमरजेंसी वार्ड में कोई भी चिकित्सक मौजूद नही था। जिसके बाद परिवार के लोगों ने अपने मरीज को बच्चा वार्ड में मौजूद चिकित्सक को देखने को कहा मगर चिकित्सक ने मरीज को देखने से इनकार कर दिया। जब इस बात की जानकारी नालंदा के सिविल सर्जन को दी गई तो सिविल सर्जन अविनाश कुमार ने थोड़ी देर में डॉक्टर को भेजने की बात कही। मगर एक घंटा गुजर जाने के बाद भी कोई चिकित्सक नही आए। जिससे मरीज की हालत और बिगड़ गई और परिवार के लोगो ने आनन फानन में मरीज को ई रिक्शा से निजी क्लीनिक ले गया। 


इधर, एक अन्य मामले में दूसरा मरीज सर्प दंश का शिकार था। जिसे चंडी अस्पताल से बिहारशरीफ सदर अस्पताल रेफर किया। जहां डॉक्टर के नही रहने के कारण तांत्रिक को बुलाकर अस्पताल के वेड पर ही झाड़ फूक कराया गया। इसके अलावे करीब आधा दर्जन मरीज को इमरजेंसी वार्ड में इलाज के लिए लाया गया। जहां से सभी मरीज को निजी क्लीनक ले जाना पड़ा।


इधर, इस मामले में नालंदा के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि, कुछ देर पहले ही मुझे भी इस मामले की जानकारी मिली है। इस पर जांच बैठाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ जरूरी एक्शन लिया जाएगा। इस मामले में अनदेखी नहीं की जा सकती है।