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फार्मासिस्ट की अनोखी पहल : शहीदों का स्मारक बनाने का उठाया बीड़ा, शहीदों के गांव की मिट्टी कर रहे संग्रहित

MUZAFFARPUR : शहीदों की शहादत को सम्मान देने के लिए एक शख्स ने अनोखी पहल की है। महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी उमेश गोपीनाथ जाधव ने शहीदों की याद में स्मारक बनाने का बीड़ा उठाया है।

फार्मासिस्ट की अनोखी पहल : शहीदों का स्मारक बनाने का उठाया बीड़ा, शहीदों के गांव की मिट्टी कर रहे संग्रहित
Mukesh Srivastava
2 मिनट

MUZAFFARPUR : शहीदों की शहादत को सम्मान देने के लिए एक शख्स ने अनोखी पहल की है। महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी उमेश गोपीनाथ जाधव ने शहीदों की याद में स्मारक बनाने का बीड़ा उठाया है। जन्मभूमि-कर्मभूमि मिशन के तहत उमेश गोपीनाथ शहीद जवानों के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकाते हैं और उनके गांव की मिट्टी को संग्रहित करते हैं। संग्रहित की गई मिट्टी का इस्तेमाल वे शहीदों के लिए बनाए जाने वाले स्मारक में करेंगे।


महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में जन्मे उमेश गोपीनाथ जाधव पेशे से फार्मासिस्ट हैं। देश की मिट्टी के सम्मान में वे शहीदों के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। 9 अप्रैल 2019 से उन्होंने अपनी यात्रा शुरू की है। उमेश गोपीनाथ 3 वर्षों में अब तक देश के 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेशों का भ्रमण कर चुके हैं। सड़क मार्ग से वे कुल 1,18,000 किलोमीटर की यात्रा कर शहीद हुए कुल 150 शहीदों के परिवारों से मिले हैं और उनके गांव की मिट्टी को संग्रहित किया है।


इसी कड़ी में बुधवार को वे मुजफ्फरपुर के झपहां स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुंचे। यहां पहुंचने पर उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। सीआरपीएफ के डीआईजी श्रीराम कुमार ने उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं अंग वस्त्र भेंट किया। इसके बाद उमेश गोपीनाथ लखनऊ के लिए रवाना हो गए। फार्मासिस्ट उमेश गोपीनाथ के इस पहल की खूब सराहना हो रही है।

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