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पुणे-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: टिकट सुपरवाइजर बन यात्रियों से वसूली कर रहे दो कोच अटेंडेंट गिरफ्तार

Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर आने वाली ट्रेन में यात्रियों से सीट दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। दो कोच अटेंडेंट खुद को टिकट सुपरवाइजर बताकर पैसे वसूल रहे थे, लेकिन जांच के दौरान उनकी पोल खुल गई। जानिए रेलवे ने इस मामले में क्या...

पुणे-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: टिकट सुपरवाइजर बन यात्रियों से वसूली कर रहे दो कोच अटेंडेंट गिरफ्तार
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर आने वाली पुणे-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस में यात्रियों से आरक्षित सीट दिलाने के नाम पर अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है. खुद को टिकट सुपरवाइजर बताकर यात्रियों से नकद रुपये वसूल रहे दो कोच अटेंडेंटों को रेलवे अधिकारियों ने रंगेहाथ पकड़ लिया. दोनों को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के हवाले कर दिया गया है. मामले की जांच जारी है.


जानकारी के अनुसार, पुणे-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस (15590) में यात्रियों की भारी भीड़ का फायदा उठाकर दोनों आरोपित खुद को टिकट सुपरवाइजर और रेलवे का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क कर रहे थे. वे आरक्षित सीट दिलाने का भरोसा देकर यात्रियों से नकद रुपये वसूल रहे थे. सीट की तलाश में परेशान कई यात्री उनकी बातों पर भरोसा कर पैसे भी दे रहे थे.


मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब मुख्य टिकट सुपरवाइजर राजेंद्र काटकर और आनंद कुमार ट्रेन में नियमित टिकट जांच कर रहे थे. जांच के दौरान दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. पूछताछ में वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद उनकी पहचान की जांच की गई.


जांच में पता चला कि दोनों व्यक्ति टिकट सुपरवाइजर नहीं, बल्कि ट्रेन में तैनात कोच अटेंडेंट हैं. वे फर्जी पहचान बनाकर यात्रियों से अवैध वसूली कर रहे थे. पुष्टि होते ही रेलवे अधिकारियों ने दोनों को मौके पर पकड़ लिया और आगे की कार्रवाई के लिए आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया.


रेलवे अब यह पता लगाने में जुटा है कि दोनों आरोपितों ने कितने यात्रियों से पैसे वसूले और इस तरह की गतिविधि कब से चला रहे थे. मामले में पूछताछ जारी है और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है.


घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि सीट या अन्य सुविधा के नाम पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें. यदि कोई खुद को रेलवे अधिकारी या टिकट सुपरवाइजर बताकर रुपये मांगता है, तो उसकी सूचना तुरंत टीटीई, ट्रेन स्टाफ या आरपीएफ को दें, ताकि ऐसे फर्जीवाड़े पर समय रहते कार्रवाई की जा सके.