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मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड: इलाज के दौरान एक और महिला की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 8

मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल अग्निकांड में झुलसी एक और महिला मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। गिरिजा देवी की मौत के बाद हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। मामले की जांच जारी है।

बिहार न्यूज
पटना में इलाजरत महिला ने तोड़ा दम
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद अस्पताल में पिछले दिनों हुए भीषण अग्निकांड के मामले में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसी और पटना के अस्पताल में इलाजरत एक और मरीज गिरिजा देवी ने दम तोड़ दिया है। वह पिछले कई दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही थीं।


थानेदार ने की मौत की पुष्टि:

गिरिजा देवी की मौत की आधिकारिक पुष्टि ब्रह्मपुरा के थाना प्रभारी (थानेदार) विपिन रंजन ने की है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने के बाद महिला की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया था। इस ताजा मौत के बाद प्रसाद अस्पताल अग्निकांड हादसे में मरने वाले मरीजों की कुल संख्या बढ़कर अब 8 हो गई है। 


गिरिजा देवी मूल रूप से शहरी इलाके के मिठनपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई गई है। ब्रह्मपुर प्रसाद अस्पताल अग्निकांड में घायल हुई थी जिसका इलाज सबसे पहले मुजफ्फरपुर देखने की अस्पताल में प्रशासनिक स्तर पर कराया गया था जिसके बाद गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज उसके बाद पटना रेफर किया गया था जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई । इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


प्रशासन ने अस्पताल को किया सील

हादसे के तुरंत बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रसाद अस्पताल को पूरी तरह सील कर दिया था। अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को आनन-फानन में दूसरे सरकारी और निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया था। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की भारी लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है और मामले की सघन जांच की जा रही है।


नियमों को ताक पर रखकर बनी थी इमारत

जांच में यह बात भी सामने आई है कि प्रसाद अस्पताल की इमारत का निर्माण पूरी तरह अवैध और मानकों के खिलाफ किया गया था। नगर निगम द्वारा अस्पताल के लिए जो नक्शा पास किया गया था, धरातल पर भवन का निर्माण उसके अनुरूप नहीं था। अस्पताल प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर स्वीकृत नक्शे से हटकर निर्माण कार्य कराया था। इसके अलावा, अस्पताल परिसर में फायर सेफ्टी (अग्निशमन) के पुख्ता इंतजाम नहीं थे, जिसके कारण आग लगने के बाद स्थिति बेकाबू हो गई और मरीजों को बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता नहीं मिल सका।


इस हादसे ने मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों ने दोषी अस्पताल प्रबंधन और इस अवैध निर्माण को अनदेखा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की तहकीकात जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता