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मुजफ्फरपुर में 100 से ज्यादा जीविका दीदियों से ठगी का मामला गरमाया, कोर्ट ने बैंक से मांगे लोन के कागजात; DPM से जवाब तलब

Bihar Cyber Fraud: मुजफ्फरपुर में 100 से अधिक जीविका दीदियों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में बुधवार को एसडीएम कोर्ट में तीसरी सुनवाई हुई। कोर्ट ने बैंक से लोन से जुड़े दस्तावेज और जीविका डीपीएम से आरोपों पर जवाब मांगा...

मुजफ्फरपुर में 100 से ज्यादा जीविका दीदियों से ठगी का मामला गरमाया, कोर्ट ने बैंक से मांगे लोन के कागजात; DPM से जवाब तलब
Ramakant kumar
5 मिनट

Bihar Cyber Fraud: मुजफ्फरपुर में बोचहां और मुशहरी की 100 से अधिक जीविका दीदियों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में बुधवार को एसडीएम पूर्वी आनंद उत्सव के कोर्ट में तीसरी सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान बैंक के प्रतिनिधि और जीविका डीपीएम अनीशा भी मौजूद रहीं. कोर्ट ने बैंक प्रतिनिधियों से जीविका दीदियों के नाम पर लिए गए लोन से जुड़े सभी जरूरी कागजात मांगे हैं. वहीं, डीपीएम से दीदियों की ओर से लगाए गए आरोपों पर जवाब देने को कहा गया है.


तीसरी सुनवाई के बाद भी मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ. अब अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी. इस सुनवाई में बैंक की ओर से मांगे गए दस्तावेज और डीपीएम का जवाब महत्वपूर्ण रहेगा.


निदेशक की गिरफ्तारी के बाद DPM पर कार्रवाई की मांग

सुनवाई के बाद जीविका दीदियों ने जक्ष ग्रेविटी एंड एग्रो एनर्जी के निदेशक आशुतोष मंगलम की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए जीविका डीपीएम अनीशा को भी बर्खास्त करने की मांग की. दीदियों का आरोप है कि डीपीएम की निगरानी और कथित मिलीभगत के कारण इतनी बड़ी ठगी हुई.


दीदियों ने डीपीएम के साथ उनके पति उत्पल गांगुली की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.


दीदियों का कहना है कि वे करीब एक साल से अपने साथ हुई कथित ठगी और लोन के बोझ से राहत की मांग कर रही हैं. उनका आरोप है कि कई स्तरों पर शिकायत और अपनी बात रखने के बावजूद अब तक उन्हें ठोस राहत नहीं मिली है.


बैंक से मांगे गए लोन से जुड़े दस्तावेज

बुधवार की सुनवाई में बैंक प्रतिनिधियों से दीदियों के नाम पर लिए गए लोन की जानकारी ली गई. बैंक की ओर से बताया गया कि जैसे ही मामले के संदिग्ध होने की जानकारी मिली, उसी समय से टर्म लोन पर ब्याज जोड़ना बंद कर दिया गया था.


इस पर जीविका दीदियों ने कहा कि केवल ब्याज बंद करने से उनकी समस्या खत्म नहीं होगी. उनकी मांग है कि बैंक की ओर से उन्हें नो ड्यूज सर्टिफिकेट दिया जाए. दीदियों का कहना है कि जब उन्हें योजना के तहत रोजगार ही नहीं मिला तो वे लोन की रकम कैसे चुकाएंगी.


मशरूम हट बनाने के बाद रोजगार नहीं मिलने का आरोप

बोचहां की जीविका दीदी गीता देवी ने आरोप लगाया कि आशुतोष मंगलम की ओर से मशरूम हट बनाने और प्रत्येक महीने 28 हजार रुपये वेतन देने की बात कही गई थी. रोजगार मिलने की उम्मीद में दीदियां योजना से जुड़ीं और लोन लिया.


दीदियों का आरोप है कि उनके लिए मशरूम हट बनाया गया, लेकिन उन्हें रोजगार नहीं दिया गया. इसके बाद आरोपी कथित तौर पर पूरी रकम लेकर फरार हो गया.


गीता देवी ने कहा कि इस मामले के बाद कई दीदियां आर्थिक परेशानी से गुजर रही हैं. बैंक से नोटिस आने के बाद परिवार पर भी दबाव बढ़ गया है. दीदियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और उनके ऊपर चढ़े लोन से राहत दिलाई जाए.


11 अगस्त के अनशन के बाद शुरू हुई सुनवाई

जीविका दीदियां इस मामले में करीब एक साल से न्याय और लोन के बोझ से राहत की मांग कर रही हैं. इससे पहले 11 अगस्त को दीदियां अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठी थीं. 12 अगस्त को एसडीएम पूर्वी आनंद उत्सव ने धरनास्थल पर पहुंचकर उनका अनशन खत्म कराया था.


इसके बाद मामले को एसडीएम पूर्वी के कोर्ट में सुनवाई के लिए लिया गया. पहली सुनवाई 19 अगस्त को हुई थी. इसके बाद 2 सितंबर को दूसरी और 16 सितंबर को तीसरी सुनवाई हुई. तीनों सुनवाई के बाद भी अभी तक मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है.


23 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

अब सभी की नजर 23 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर है. जीविका दीदियों ने कहा है कि अगर अगली सुनवाई में भी उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाएंगी.


वहीं, एसडीएम पूर्वी के कोर्ट ने बैंक से लोन से जुड़े दस्तावेज और जीविका डीपीएम से दीदियों के आरोपों पर जवाब मांगा है. अगली सुनवाई में बैंक के दस्तावेज और डीपीएम का जवाब सामने आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होने की उम्मीद है.