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बिहार में तेजी से पांव पसार रहा डेंगू और चिकनगुनिया, मुजफ्फरपुर में 74 मरीज एडमिट

बिहार के मुजफ्फरपुर में डेंगू और चिकनगुनिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक 74 मरीजों की पहचान की गई है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल और पीएचसी में 42 बेड की विशेष व्यवस्था की है। फॉगिंग और सफाई अभियान तेज कर दिया गया है।

बिहार
बढ़ रहे डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

MUZAFFARPUR: बिहार में डेंगू और चिकनगुनियां के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मुजफ्फरपुर में डेंगू के 50 और चिकनगुनिया के 24 मरीजों की पहचान हुई है। जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक कदम उठाए हैं। 


मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए अलग व्यवस्था की गयी है। 10 बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है। इसके अलावे सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो-दो बेड की व्यवस्था की गई है। 42 बेड की विशेष व्यवस्था की गयी है। जहां डेंगू और चिकनगुनियां के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।


मुजफ्फरपुर के 16 प्रखंडों में मोतीपुर को छोड़ सभी जगहों पर डेंगू के मामले सामने आए हैं। मुसहरी प्रखंड में सबसे अधिक मरीज मिले हैं। औराई, बोचहां, गायघाट, कांटी, कटरा, कुढ़नी, मीनापुर, मुशहरी, मुरौल, पारू, सकरा, बंदरा, मड़वन, साहेबगंज, सरैया में डेंगू के मरीज मिले हैं जहां फॉगिंग और सफाई तेजी से हो रहा है।


मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (CMO) डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि डेंगू के लक्षण दिखते ही मरीज को एडमिट किया जा रहा है। डेंगू की जांच और उपचार की पूरी व्यवस्था की गयी है। प्लेटलेट गिरने पर तुरंत मरीज का इलाज शुरू किया जाता है। उन्होंने बताया कि अचानक तेज बुखार, जी मिचलाना, त्वचा पर लाल चकत्ते, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, पेट दर्द, उल्टी और जोड़ों में तेज दर्द होने के लक्षण पाये जाने पर तुरंत डॉक्टस से मिलना चाहिए और जांच के बाद इलाज समय पर कराना चाहिए। 


वही स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। घरों में रखे गमले, कूलर, पुराने टायर और पानी जमा होने वाले जगह को हमेशा साफ सुथरा रखे। कही पर भी पानी जमने नहीं दें। डेंगू मच्छरों से बचने के लिए जरूरी कदम उठाए। फुल शर्ट पहने, रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, गुडनाइट और मच्छर अगरबत्ती जलाकर सोए।


बता दें कि डेंगू का मच्छर एडीज एजिप्टी है, जो अपने शरीर और पैरों पर सफेद धारी या धब्बों से पहचाना जा सकता है। डेंगू मच्छर दिन में काटता है, विशेष रूप से सुबह और शाम को यह मच्छर हमला करता है। रुके हुए साफ पानी में प्रजनन करता है। यह सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता, बल्कि डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को काटने के बाद वायरस को दूसरे व्यक्ति में फैलाता है।  


डेंगू के मच्छर की पहचान

रंग और धब्बे: इनका शरीर काले रंग का होता है जिस पर चांदी जैसे सफेद निशान और पैरों पर सफेद धारी होती है। 

शरीर पर निशान: इसके शरीर पर एक वीणा के आकार का सफेद पैटर्न बना होता है। 

आकार: यह अन्य मच्छरों की तुलना में छोटा और शांत होता है। 

काटने का समय: यह मुख्य रूप से दिन में, खासकर सुबह और शाम को काटता है, जब सूरज उगता है और डूबता है। 

डेंगू कैसे फैलता है

जब डेंगू से संक्रमित व्यक्ति को यह मच्छर काटता है, तो वह वायरस को ग्रहण कर लेता है। 

फिर, जब यह मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो वायरस उस व्यक्ति में फैल जाता है, जिससे वह भी संक्रमित हो जाता है। 

यह सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। 

बचाव के तरीके

प्रजनन स्थलों को नष्ट करें: घर और आसपास रुके हुए पानी को हटा दें, जैसे गमलों के नीचे, बाल्टियों, और नालियों में। ठहरे हुए पानी में मच्छर अंडे देते हैं। 

व्यक्तिगत सुरक्षा: मच्छर भगाने वाली क्रीम और स्प्रे का उपयोग करें। 

मच्छरदानी: रात में मच्छरदानी के अंदर सोएं। 

पूरे शरीर को ढकें: हल्के रंग के और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। 

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