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ठंडे बस्ते में पड़ी बिहार की इन दो रेल परियोजना को मिली रफ्तार, 511 करोड़ से निर्माण कार्य में आएगी तेजी

Bihar Rail Projects: मुजफ्फरपुर-दरभंगा और मुजफ्फरपुर-कटरा-जनकपुर रेल परियोजनाओं को 511 करोड़ का बजट मिला है। वर्षों से लंबित इन परियोजनाओं के पूरा होने से दूरी घटेगी, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और उत्तर बिहार में विकास को नई गति मिलेगी।

Bihar Rail Projects
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Rail Projects: बिहार में लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी मुजफ्फरपुर-दरभंगा और मुजफ्फरपुर-कटरा-जनकपुर रोड रेल लाइन परियोजनाओं को अब नई जिंदगी मिलती दिख रही है। केंद्र सरकार से बजट मिलने के बाद पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने इन दोनों अहम परियोजनाओं के लिए कुल 511 करोड़ का आवंटन किया है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।


मुजफ्फरपुर-दरभंगा रेल लाइन, जो साल 2007-08 से लंबित थी, अब रफ्तार पकड़ने जा रही है। वर्तमान में इस रूट पर ट्रेनों को समस्तीपुर होकर करीब 91 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन नई लाइन बनने के बाद यह दूरी घटकर सिर्फ 67 किलोमीटर रह जाएगी। इस 67 किमी लंबे रेलखंड के लिए ₹282.30 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और मिथिलांचल व तिरहुत क्षेत्र के बीच संपर्क मजबूत होगा।


वहीं, मुजफ्फरपुर-कटरा-जनकपुर रोड (सीतामढ़ी) नई रेल लाइन परियोजना को भी 229.05 करोड़ का बजट मिला है। लगभग 66.55 किलोमीटर लंबी यह लाइन कटरा और औराई जैसे ग्रामीण इलाकों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। साथ ही, सीतामढ़ी और नेपाल सीमा के पास स्थित जनकपुर रोड तक पहुंचना और आसान हो जाएगा। यह परियोजना 2008-09 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन फंड की कमी के कारण अब तक अटकी हुई थी।


इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सीतामढ़ी जिलों के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से न केवल सफर आसान होगा, बल्कि व्यापार, कृषि और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। छोटे व्यापारियों और किसानों को अपने उत्पाद अन्य शहरों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता