MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले में अपराधियों का तांडव जारी है। मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक लगातार डीएसपी और थानेदार को हिदायत दे रहे हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण पर काम कीजिए अन्यथा कार्रवाई होगी लेकिन अपराधी अपराध करने से बाज नहीं आ रहे हैं। एक के बाद एक पुलिस को चुनौती देने का काम कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि अपराधियों में पुलिस का डर खत्म हो गया है और पुलिस अपराधियों के हौसले के सामने पस्त हो गयी है।
मंगलवार को जिले में एक के बाद एक लगातार कुछ ही देर में दो थाना क्षेत्र में दो सीएसपी केंद्र से लाखों की लूट कांड को अंजाम देकर बदमाश बड़े आराम से भाग निकले । पहला मामला जिले के पारु थाना क्षेत्र के मलाही हाट गांव स्थित पीएनबी बैंक के सीएसपी केंद्र से करीब डेढ़ लाख रुपए की लूट हुई। तो इस घटना के महत्व 1 घंटे के अंदर जैतपुर थाना क्षेत्र के धनुपरा गांव स्थित बजरंग बली चौक के पास स्थित एसबीआई बैंक के सीएसपी केंद्र से लगभग ढाई लाख रुपए की लूट हुई। लगातार घट रही आपराधिक घटनाओं ने एक बार फिर पुलिस के कार्य शैली पर सवालिया निशान लगा दिया है और पुलिस को एक बार फिर खुली चुनौती दे दिया।
मुजफ्फरपुर के पश्चिमी क्षेत्र में आपराधिक वारदात लगातार बढ़ रहा है, मामले में मंगलवार को ही वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने अपराध पर अंकुश लगाने में नाकाम कथैया थाना के कोतवाल को सस्पेंड भी कर दिया है। थानेदार पर आरोप है कि अपने क्षेत्र के एक भी दुर्दांत अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए हैं वहीं लगातार बढ़ रही हत्या, लूट की घटनाओं पर भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे।
इस कारण से कर्तव्य में लापरवाही के जुर्म में तत्काल निलंबित किया गया है, अब सवाल उठता है कि साहब कोतवाल किसके कहने पर बना दिए थे और अगर ऐसे जिम्मेवारी से भागने वाले अधिकारी अगर थानेदार बन जाए तो फिर जिले में अपराध का ग्राफ तो बढ़ना लाजिमी है। अब देखना होगा कि जोन ट्रांसफर भी हुआ है, जिसमें कई कोतवाल और अफसर जिले से बाहर दूसरे जिले जाएंगे.. ऐसे में किस मापदंड पर कोतवाल का कार्यभार सौंपा जाएगा ? फिलहाल लगातार आपराधिक वारदातों ने मुजफ्फरपुर को हिला कर रख दिया है।





