MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर में लगातार हो रही मवेशी चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए मवेशी चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में कुल 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके पास से चोरी की एक भैंस और एक पिकअप वाहन भी बरामद किया गया है।
मामले की जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया, जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से लगातार मवेशी चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने मानवीय और तकनीकी आसूचना के आधार पर गिरोह के संभावित ठिकानों की पहचान कर लगातार छापेमारी शुरू की।
भैंस चोरी की FIR के बाद पकड़ में आया शातिर
इसी क्रम में 1 मार्च 2026 को कांटी थाना क्षेत्र के रामपुर साह गांव में भैंस चोरी की घटना सामने आई थी। इस संबंध में वादी राजेश कुमार के आवेदन पर कांटी थाना कांड संख्या 116/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले को आधार बनाकर जांच तेज की और अंततः गिरोह के सदस्यों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
गिरफ्तार अभियुक्तों में ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के मो. शमशेर, अहियापुर के अजय पटेल, मीनापुर के मो. सुहान, तुर्की के मो. चांद और मो. सदाम, सकरा के मो. जावेद तथा सरैया के राकेश कुमार शामिल हैं। सभी आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार बदमाशों का आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्तों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। विशेष रूप से मो. चांद के खिलाफ मनियारी थाना में कांड संख्या 361/25 दर्ज है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। वहीं मो. सदाम के खिलाफ भी पूर्व में मामला दर्ज होने की पुष्टि हुई है। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि गिरोह चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए पिकअप वाहन का इस्तेमाल करता था और चोरी के मवेशियों को दूसरे क्षेत्रों में बेच देता था। फिलहाल सभी गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।




