मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन कराने का काम करने वाले एक कंसल्टेंट की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। करजा थाना क्षेत्र के पकड़ी के पास तिरहुत नहर से 50 वर्षीय राहुल ठाकुर का शव बरामद हुआ। राहुल के बाएं हाथ की कलाई पर कट का गहरा निशान था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि नहर के किनारे उसकी महाराष्ट्र नंबर की कार लॉक हालत में खड़ी मिली।
पुलिस ने कार की तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर जांच की दिशा ही बदल गई। सीट और स्टीयरिंग के आसपास खून के छींटे मिले। कार की सीट पर एक ब्लेड पड़ा था, जिस पर भी खून के निशान थे। कार के अंदर मेडिकल कॉलेज में नामांकन से संबंधित कई दस्तावेज और राहुल के चप्पल भी मिले। लेकिन जिस करीब 25 लाख रुपये को लेकर राहुल घर से निकला था, उसका कोई पता नहीं चला।
25 लाख लेकर निकला था, लेकिन वापस नहीं आया
राहुल ठाकुर मूल रूप से मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र स्थित विश्वनाथ पताही गांव का रहने वाला था। वह फिलहाल पटना में किराए के मकान में रहकर मेडिकल कॉलेजों में नामांकन से जुड़े कंसल्टेंसी के काम से जुड़ा था। बताया जा रहा है कि अलग-अलग राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन से जुड़े काम के कारण उसका कई लोगों से संपर्क था।परिजनों के अनुसार, 30 अक्टूबर की सुबह करीब सात से आठ बजे राहुल घर से निकला था। उसने बताया था कि उसे डॉ. लालबाबू को तीन लाख रुपये लौटाने हैं और इसके बाद वह वापस आ जाएगा।लेकिन घरवालों को क्या पता था कि यह राहुल की आखिरी यात्रा साबित होगी। पत्नी रूपम कुमारी के मुताबिक, राहुल करीब 25 लाख रुपये लेकर किसी व्यक्ति को देने के लिए मुजफ्फरपुर आया था।दोपहर करीब 12 बजे राहुल ने पत्नी को फोन किया।उसने कहा, "मैं मैठी टोल प्लाजा के पास हूं, शाम सात बजे तक डेरे पर लौट आऊंगा।" लेकिन इसके कुछ घंटे बाद ही उसका मोबाइल बंद हो गया। करीब तीन बजे से राहुल से संपर्क नहीं हो सका। शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिवार की चिंता बढ़ती गई।
खड़ी थी कार, किसी ने नहीं ली सुध
तिरहुत नहर में राहुल का शव मिलने की खबर ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। स्थानीय लोगों ने नहर के किनारे एक कार खड़ी देखी। बताया गया कि यह कार शुक्रवार दोपहर से ही वहां खड़ी थी।लोगों को पहले कार के अंदर कुछ संदिग्ध नजर नहीं आया। लेकिन शव मिलने के बाद जब लावारिस कार को देखा गया तो अंदर खून के निशान दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।पुलिस मौके पर पहुंची और कार की जांच शुरू की। कार के अंदर स्टीयरिंग और सीट के आसपास खून के धब्बे मिले। एक ब्लेड भी बरामद हुआ, जिस पर खून लगा था। राहुल की पहचान उसके परिजनों ने की।
क्या कार में ही हुआ था हमला?
मामले ने अब कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल की कलाई पर कट का निशान है। कार के अंदर खून भी मिला है। ब्लेड भी वहीं पड़ा था। लेकिन राहुल का शव नहर में मिला।ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि राहुल की मौत कार के अंदर हुई या उसे कहीं और मारने के बाद शव नहर में फेंका गया? पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है। पुलिस राहुल के मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है, ताकि मौत से पहले उसने किन लोगों से बात की थी और आखिरी बार किससे संपर्क में था, इसका पता लगाया जा सके।
ग्रामीण एसपी राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने बताया कि राहुल का शव पानी में मिला है। उसकी कार नहर के बिल्कुल पास सड़क पर लॉक हालत में खड़ी थी। कार के अंदर दस्तावेज और चप्पल भी मिले हैं। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।
मेडिकल एडमिशन के पैसों का विवाद बना जांच का केंद्र
पुलिस की शुरुआती जांच में मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। परिजनों ने भी आशंका जताई है कि राहुल बड़ी रकम लेकर किसी को देने आया था।करीब 25 लाख रुपये गायब मिलना इस मामले को और गंभीर बना रहा है।पत्नी की शिकायत पर करजा थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब राहुल के संपर्क में रहने वाले लोगों, मेडिकल एडमिशन से जुड़े लेनदेन और मोबाइल कॉल डिटेल की जांच कर रही है।
गश्ती पुलिस के सामने से गुजरती रही कार?
इस घटना ने पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि कार शुक्रवार दोपहर से नहर के किनारे खड़ी थी। इस दौरान कई बार गश्ती पुलिस की गाड़ी वहां से गुजरी, लेकिन कार की जांच नहीं की गई। शव मिलने के बाद जब कार की तलाशी ली गई तो उसके अंदर खून के निशान और ब्लेड देखकर पुलिस भी हरकत में आई।स्थानीय ग्रामीणों ने इलाके में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि नहर के आसपास पहले भी शव फेंके जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं।अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है—राहुल के साथ आखिर हुआ क्या था? 25 लाख रुपये कहां गए? कार में खून और ब्लेड किसके हैं? और अगर राहुल खुद कार में घायल हुआ था तो उसका शव नहर तक कैसे पहुंचा?इन सवालों के जवाब पोस्टमार्टम, एफएसएल रिपोर्ट, मोबाइल जांच और पुलिस की आगे की तफ्तीश से सामने आने की उम्मीद है।





