MUNGER: मुंगेर जिले के टेटियाबंबर प्रखंड में महाने नदी की तेज धार ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। बरसंडा गांव के समीप निर्माणाधीन पुल का डायवर्सन दूसरी बार नदी के तेज बहाव में बह गया। डायवर्सन के बह जाने से प्रखंड मुख्यालय, थाना, अस्पताल और बाजार जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। इससे दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बरसंडा गांव के समीप महाने नदी की तेज धार के बीच बहता हुआ डायवर्सन साफ दिखाई दे रहा है। नदी के तेज बहाव ने डायवर्सन को इस कदर क्षतिग्रस्त कर दिया कि सड़क का नामोनिशान तक नहीं बचा।
बताया जा रहा है कि शनिवार देर रात पहाड़ी और जंगली इलाकों में हुई तेज बारिश के बाद महाने नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। रविवार सुबह नदी में तेज धार आई और शनिवार को मिट्टी डालकर दुरुस्त किए गए डायवर्सन को अपने साथ बहा ले गई।
एक दिन में ही बह गया बनाया गया डायवर्सन
खास बात यह है कि गुरुवार को भी यही डायवर्सन पहली बार नदी की तेज धार में बह गया था। इसके बाद विभाग ने शनिवार को ह्यूम पाइप के ऊपर मिट्टी डालकर किसी तरह आवागमन बहाल किया था। लेकिन महज एक दिन बाद ही नदी के तेज बहाव ने विभाग की पूरी कवायद पर पानी फेर दिया।
डायवर्सन के बह जाने से प्रखंड मुख्यालय, थाना, अस्पताल और बाजार जाने का रास्ता बंद हो गया है। दर्जनों गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित होने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों और स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किलें
मुख्य मार्ग बाधित होने से सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, स्कूली बच्चों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले ग्रामीणों को हो रही है। नदी के बीचों-बीच तेज रफ्तार से बहता पानी खतरे का साफ संकेत दे रहा है।
ऐसे में ग्रामीणों के लिए इस रास्ते से होकर गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है। ग्रामीणों को अब प्रखंड मुख्यालय, अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, डायवर्सन के दोबारा बह जाने से निर्माण कार्य और स्थायी आवागमन व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।





