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स्वास्थ्य मंत्री जी जरा इधर भी ध्यान दीजिए ! चिलचिलाती धुप में खड़े होकर कटवानी पड़ रही ओपीडी की पर्ची, पीने के पानी तक का नहीं है इंतजाम

MUNGER : बिहार में भले ही सत्ता परिवर्तत हो जाए या फिर वर्तमान परिवेश में केंद्र की राजनीति के लिए नीतीश कुमार सबसे बड़े मोहरे हो। लेकिन, इसके बाबजूद बिहार के स्वास्थ्य महकमे की हाल

स्वास्थ्य मंत्री जी जरा इधर भी ध्यान दीजिए ! चिलचिलाती धुप में खड़े होकर कटवानी पड़ रही ओपीडी की पर्ची, पीने के पानी तक का नहीं है इंतजाम
Tejpratap
Tejpratap
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MUNGER : बिहार में भले ही सत्ता परिवर्तत हो जाए या फिर वर्तमान परिवेश में केंद्र की राजनीति के लिए नीतीश कुमार सबसे बड़े मोहरे हो। लेकिन, इसके बाबजूद बिहार के स्वास्थ्य महकमे की हालात शायद ही सुधर पाए। इस विभाग की हालत यह है कि कहीं मरीज के लिए बेड नहीं उपलब्ध हैं तो कहीं बेड मिल रहा है तो दवाई नहीं मिल रहा है या फिर कोई न कोई समस्या जरूर होगी। इसी कड़ी में अब एक ताजा मामला मुंगेर से निकल कर सामने आ रहा है। जहां ओपीडी की पर्ची कटवाने के बाद भी मरीजों को इलाज के लिए भरी दुपहरी में बिना छत के वेटिंग हॉल में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। 


दरअसल, मुंगेर सदर अस्पताल परिसर में हर दिन नए -नए वार्ड तैयार हो रहे हैं। लेकिन, इसके बाबजूद यहां सुविधा के मामले में कोई इजाफा देखने को नहीं मिल रहा है। यहां हाल के दिनों में ही तैयार हुए 100 बेड वाला प्री फेवरिकेटेडक वार्ड में ओपीडी की पर्ची कटवा कर इलाज करवाने का वार्ड पर दवाई बांटने का भी काउंटर तैयार कर दिया गया है। इसके बाबजूद यहां मरीजों को वेट करने के लिए माकूल व्यवस्था नहीं की गई। इस वजह से खुली छत के नीचे भरी दोपहरी में लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। 


बताया जाता है कि, ओपीडी काउंटरों के ऊपर कोई शेड नहीं लगाया गया। जिस कारण खुले आसमान के नीचे मरीज तथा उसके परिजन  चिलचिलाती धूप मे घंटों लाइन मे खड़े रहने को विवस है। इसके बाबजूद अस्पताल प्रवंधन  इसको लेकर चिंतित नजर नहीं आता है। इसकी वजह से सुदूर ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को काफी कठनाई उठानी पड़ती है। l यहां ना तो शेड की व्यवस्था समुचित रूप से की गई है और ना ही पीने की पानी उपलब्ध कराया गया है l जिसको लेकर मरीज़ काफी परेशान है l 


उधर, इस मामले में सदर अस्पताल के डीएस का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है जिसको लेकर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है l सदर अस्पताल द्वारा मरीजों की सुविधा के लिए भाव्या ऐप लॉन्च किया गया है। ऐसे मेंइस ऐप के लॉन्च होने से अब मरीज़ अपने मोबाईल से ऑनलाइन अपना नंबर लगवा सकते हैं। उन्हें लाइन में लगने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन इस मे कुछ तकनीकी परेशानी भी है। जिसे जल्द से जल्द निदान करने की कोशिश की जा रही है l