1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 28, 2026, 5:33:01 PM
एक साल में सर्वे का कार्य समाप्त करने का निर्देश - फ़ोटो सोशल मीडिया
MUNGER: मुंगेर में आयोजित ‘राजस्व प्रशासन आपके द्वार’ कार्यक्रम के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए ChatGPT और अन्य एआई टूल्स का उपयोग करें। साथ ही, एक वर्ष के भीतर भूमि सर्वे कार्य पूरा करने और लंबित दाखिल-खारिज मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश भी दिए।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्वावधान में शनिवार को मुंगेर स्थित प्रेक्षागृह में राजस्व प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने लोगों की फरियाद को सुनी और उसका निष्पादन करने का आदेश संबंधित अधिकारियों को दिया।
समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव ने कहा कि अधिकारियों में यह प्रशासनिक क्षमता होनी चाहिए कि वे अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों और कर्मचारियों की कैपेसिटी विल्डप कर उनकी क्षमता को मजबूत कर सकें। उन्होंने भू राजस्व पदाधिकारियों, अंचल पदाधिकारियों और बंदोबस्त पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी कार्य क्षमता को बढ़ाने के लिए चैट जीपीटी, एआई सहित अन्य टूल्स का इस्तेमाल करें।
प्रधान सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा एक साल में सर्वे का कार्य खत्म करने का निर्देश दिया गया है। इसमें तेजी लाई जाए और सर्वे अमीन अपनी डायरी को प्रतिदिन भरकर उसे पोर्टल पर अपलोड करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले यह इंट्री साप्ताहिक होती थी, लेकिन इसे प्रतिदिन करना है ताकि सर्वे अमीन के द्वारा किए जाने वाले कार्यों का दैनिक प्रतिवेदन मुख्यालय को प्राप्त हो सके। प्रधान सचिव ने कार्यालयों में मुंशी और दलालों की प्रथा को समाप्त करने के लिए पहले ही पत्र विभाग द्वारा निर्गत किया गया है। यह प्रथा भी दहेज प्रथा और सती प्रथा जैसी एक सामाजिक बुराई है।
प्रधान सचिव ने की राजस्व विभागों के कार्यों की समीक्षा
राजस्व प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम के तहत मुंगेर पहंचे राजस्व विभाग के प्रधान सचिव श्री सीके अनिल अधिकरियों के साथ बैठक कर राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने परिमार्जन प्लस की प्रगति, दाखिल-खारिज / नामांतरण वादों की स्थिति, भूमि विवादों का निष्पादन, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, डीसीएलआर न्यायालयों में लंबित वाद, भूमि मापी की प्रगति, राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली की स्थिति और राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उसके बाद मुख्यालय से पुहंचे वरीय अधिकारियों को आवंटित किए गए अंचलों की समीक्षा करने के लिए भेजा गया।
मुंगेर के पांच अंचलों में 306 मौजा का हुआ अंतिम प्रकाशन
मुंगेर जिले के पांच अंचलों में स्थित 306 मौजों में प्रथम चरण का सर्वे का कार्य प्रारंभ किया गया था, जिसमें 108 मौजा का अंतिम प्रकाशन कर लिया गया है। जबकि 298 मौजा का ड्राफ्ट प्रकाशन किया जा चुका है।
दाखिल खारिज के 13196 मामले निष्पादित
प्रधान सचिव ने दाखिल खारिज से संबंधित मामलों की समीक्षा की, जिसमें 1 अप्रैल 2025 से 26 फरवरी 26 तक 19220 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें 13196 मामलों का निष्पादन कर दिया गया था। वहीं विभिन्न त्रुटियों के कारण 3834 आवेदनों को वापस किया गया है, जबकि 6024 मामले लंबित पाए गए। प्रधान सचिव ने तुरंत उसे निष्पादन करने का निर्देश दिए। इसी प्रकार 1 अप्रैल 25 से लेकर 26 फरवरी तक ऑन लाइन दाखिल खारिज के कुल 120051 मामले आए थे, जिसमें 118966 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है। जो 88 फीसदी है।
10 माह में परिमार्जन प्लस के 27688 आवेदनों को किया गया निष्पादित
समीक्षा के दौरान पाया गया कि 1 अप्रैल 25 से लेकर 26 फरवरी 26 तक परिमार्जन प्लक के 33410 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें 27688 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है। वहीं 827 मामले वापस किए गए है। जबकि 5805 मामले अभी तक लंबित है। इसी प्रकार ई मापी से संबंधित 2406 मामले निष्पादित किए गए हैं। जबकि 1410 मामले लंबित हैं।
अभियान बसेरा-2 के तहत जिले में 952 लोगों को भूमि आवंटित किया गया
मुंगेर जिले के 9 अंचलों में 1634 भूमि का सर्वे कर 952 लोगों को भूमि आवंटित किया गया है। जो 58.26 फीसदी है। इसी प्रकार महाअभियान के तहत 64916 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें 61480 आवेदन सही पाए गए थे। जिसमें जमाबंदी सुधार के 38889 आवेदन थे। समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव श्री जय सिंह के अतिरिक्त सचिव स्तर के अन्य अधिकारियों के साथ-साथ भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, चकबंदी निदेशालय, भू-अर्जन निदेशालय तथा कृषि गणना से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।