Bihar Crime News: मुंगेर के वासुदेवपुर थाना क्षेत्र के चुरंबा गांव में शनिवार सुबह एक विवाहिता का शव ससुराल के कमरे में फंदे से लटका मिला. मृतका की पहचान गांव निवासी मु. सैफ अली की 25 वर्षीय पत्नी तमन्ना परवीन के रूप में हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना पर वासुदेवपुर और पूरबसराय थाने की पुलिस एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
घटना के बाद तमन्ना के मायके वालों में कोहराम मच गया. मृतका की तीन साल की एक बेटी है. परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही तमन्ना को अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था.
10 लाख रुपये और बुलेट की मांग का आरोप
मृतका के पिता मुन्ना खां ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि करीब पांच वर्ष पहले उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार दान-दहेज देकर तमन्ना का निकाह गांव के ही नुरउद्दीन के बेटे सैफ अली से कराया था. आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष के लोग 10 लाख रुपये नकद और बुलेट मोटरसाइकिल की मांग करने लगे.
पिता का कहना है कि मांग पूरी नहीं होने पर तमन्ना को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था. उन्होंने आरोप लगाया कि सैफ अली ने विदेश जाने के लिए भी मायके से रुपये की मांग की थी. आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिवार ने रुपये देने में असमर्थता जताई थी.
परिजनों के अनुसार, बाद में सैफ अली विदेश चला गया. इसके बाद तमन्ना अपनी सास, ससुर और देवर के साथ ससुराल में रह रही थी. मायके वालों का आरोप है कि इस दौरान भी उस पर दहेज की मांग को लेकर दबाव बनाया जाता रहा.
हत्या कर शव लटकाने का आरोप
तमन्ना के पिता ने आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने उसकी हत्या कर दी और बाद में आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया. हालांकि, पुलिस ने अभी इस आरोप की पुष्टि नहीं की है.
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की. पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
वासुदेवपुर थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर की जा रही है. पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.





